डॉ. जितेंद्र सिंह पर लगाए आरोपों पर रंधावा ने अपने तेवर नरम करते कहा कि उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री का भ्रष्टाचार के मामले में सीधे नाम नहीं लिया था। स्टोन क्रशर ऑनर्स को 50 से सवा करोड़ तक के जुर्माने के नोटिस से वह अपना आपा खो बैठे थे। इस मामले का डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ सीधा संबंध नहीं है। केवल जिला खनन अधिकारी अंकुर सचदेवा के भ्रष्टाचार को दर्शाया था और उस पर वह अभी भी कायम हैं।
जिला खनन अधिकारी ही केंद्रीय राज्य मंत्री का नाम लेकर लाभ उठा रहे होंगे। उन्होंने कहा वह भाजपा के सच्चे, कर्मठ कार्यकर्ता हैं और अनुशासन समिति का जो भी फैसला होगा वह उन्हें मान्य होगा। रंधावा ने कहा कि सरकार और हाईकोर्ट की तरफ से उठाए गए कदमों से स्टोन क्रशर ऑनर्स एसोसिएशन संतुष्ट है और इस वजह से 10 मई को आत्मदाह करने का फैसला टाल दिया गया है। बता दें कि बीते दिन डॉ. जितेंद्र सिंह ने विक्रम रंधावा के खिलाफ दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का मामला दायर करवाया है।