फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गूंजा कश्मीर

Sun, 20 Dec 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
कश्मीर में इन दिनों प्रवासी पक्षियों की गूंज है। सेंट्रल एशिया और यूरोप से करीब चार लाख प्रवासी पक्षियों ने कश्मीर के विभिन्न तराई क्षेत्रों में दस्तक दी है।
विज्ञापन


हालांकि आने वाले वर्षों में इनको रहने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि जिस तरह से तराई क्षेत्रों में अतिक्रमण बढ़ रहा है, गंदगी डाली जा रही है और ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, इससे इन पक्षियों के पास यहां रुकने का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।

ब्रह्मी बतख, टफटेड बतख, गड़चाल, गारगेने, ग्रे गूज, मालार्ड, कामन मरगेनसर, नार्दर्न पिंटेल, कामन पोचार्ड, फरगुनीज पोचार्ड, रेड क्रेस्टड पोचार्ड, रडी शेल्डक, नार्दर्न शावलर, कामन टील आदि प्रजाति के पक्षी इन दिनों कश्मीर में हैं।
विज्ञापन


रंग-बिरंगे पक्षियों से तराई क्षेत्रों की रौनक देखते ही बनती है। नवंबर महीने के पहले सप्ताह में यह पक्षी कश्मीर में आते हैं।

दरअसल, साइबेरिया, चीन, जापान और अन्य देशों से आने वाले इन पक्षियों को कश्मीर में इन दिनों अपने देश के जैसा वातावरण मिलता है। इसलिए यह यहां पहुंचते हैं।

करीब चार लाख पक्षी कश्मीर में रिकार्ड किए गए हैं। वन्यजीव विभाग के वार्डन रउफ जरगर का कहना है कि तराई क्षेत्रों की खस्ताहाल का असर प्रवासी पक्षियों के आगमन पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें