वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अगले साल बड़े पैमाने पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। सौ से अधिक राजनेताओं, अफसरों और भू माफियाओं की सूची तैयार कर ली गई है, जिनके चंगुल से वन भूमि को छुड़ाया जाएगा।
क्लाइमेट में बदलाव से निपटने को वन विभाग ने ऐसा किया है। वन मंत्री बाली भगत ने इसकी पुष्टि की है। बाली भगत ने साफ कर दिया कि 2016 में अब तक कब्जाई भूमि में से आधी छुड़ा ली जाएगी।
वन मंत्री का कहना है कि 13 हजार एकड़ (2.53 लाख कनाल) वन भूमि पर माफियाओं का कब्जा है। सरकार ने सात महीनों में 25 हजार कनाल भूमि माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई है, लेकिन अभी लक्ष्य दूर है।
नए साल में एक लाख कनाल वन भूमि को कब्जा मुक्त करवाना है। बदलते क्लाइमेट का सबसे बड़ा कारण भी यही है कि वन भूमि के पेड़ काट कर कब्जे कर अपने निर्माण कर दिए गए। विभाग ऐसी भूमि को फिर हरा-भरा करेगी।
कई नेता और अफसर अतिक्रमणकारियों में
सूत्रों की मानें तो वन विभाग की ओर से तैयार सूची में तीन से चार बड़े राजनेता, आधा दर्जन बड़े अधिकारी सहित छोटे-मोटे नेता और माफिया शामिल हैं। वन विभाग ने पहले ही पूर्व सिंचाई मंत्री ताज मोहियूद्दीन को वन भूमि पर कब्जा करने का नोटिस दिया था। सूत्रों का कहना है कि ताज को एक और नोटिस जल्द दिया जाएगा।