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जम्मू कश्मीर में लागू होगा खाद्य सुरक्षा कानून

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राज्य सरकार ने रियासत में पहली दिसंबर से खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने का फैसला लिया है। उपभोक्ता एवं जन वितरण मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत राशन कार्ड को आधार कार्ड के साथ लिंक किया जाएगा। इससे फर्जी राशन कार्ड पूरी तरह निरस्त हो जाएंगे।
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साथ ही तय स्केल के हिसाब से कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध होगा। एक्ट लागू होने के बाद रियासत में किसी भी कार्डधारक को राशन से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कालाबाजारी पर अंकुश के लिए थोक व्यापारियों का कोटा निर्धारित करने का भी एलान किया।

शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए सीएपीडी मंत्री ने कहा कि अब थोक व्यापारी तय सीमा से ज्यादा का भंडारण नहीं कर पाएंगे। ऐसा करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। अली का कहना था कि जरूरी पदार्थों के भंडारण की वजह से मुनाफाखोरी होती रही है।
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इस अस्वस्थ व्यापारिक परंपरा को खत्म करने के लिए प्याज, दालों और पकाने के तेल के भंडारण की सीमा को निर्धारित कर दिया गया है। कोई भी थोक व्यापारी 600 क्विंटल से ज्यादा प्याज का भंडारण नहीं कर पाएगा। 1200 क्विंटल से ज्यादा दाल और 2200 क्विंटल से ज्यादा खाद्य तेल का भंडारण थोक व्यापारी नहीं कर सकेंगे।
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उमर ने किया था लागू करने से इनकार

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रियासत में फूड सिक्यूरिटी बिल लागू करने से इनकार कर दिया था। उनका तर्क था कि जम्मू-कश्मीर देश भर में इकलौता ऐसा प्रदेश है जहां लोगों को इस बिल के लागू होने से नुकसान होगा।

उमर का कहना था कि बिल के प्रावधानों के मुताबिक रियासत को लोगों को वर्तमान से कम राशन मिलेगा। खाद्य सुरक्षा कानून कांग्रेस की ही देन है।

राज्य में लागू होगा तो निश्चित रूप से सरकार ने पूरी तरह होमवर्क कर लिया होगा। विश्वास है कि इसके लागू होने से किसी वर्ग को नुकसान नहीं होगा। तय स्केल और तय रेट पर खाद्यान्न मिलेगा।
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