विधानसभा में रविवार को राहत एवं पुनर्वास मंत्री सईद बशारत बुखारी ने जिला बारामुला में बेमौसम बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात के खतरे की जानकारी दी। कई नालों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में पानी घुस गया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि पट्टन सब डिवीजन में फिराजपोरा नाले में जलस्तर बढ़ने से पानी आरामपोरा, हबाक टैंगो, बोनीचाकल, शाले बोने, गुंड ख्वाजा, कासिम, माटीपुरा और त्रिकोलबाट आदि गांव में पानी घुस गया है। इन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं, लेकिन अभी हालात नियंत्रण में हैं।
आरामपोरा में बचाव कार्यों के लिए बोट भेजी गई हैं। प्रभावित इलाकों में बाढ़ के पानी को रोकने के लिए 51000 रेत के बैग भेजे गए हैं। संग्रामा विधानसभा क्षेत्र के गांव अलीबाग, हाईगाम रादीगाम, हरेतर, पुथाह में भी बाढ़ का पानी चला गया है। निंगल नाले में जलस्तर बढ़ जाने से मीर मोहल्ला वागरू में अस्थायी तौर पर यातायात रोक दिया गया है।
बारामुला विधानसभा के भी गांव गुटियार, ख्वाजाबाग, नूर बाग में बाढ़ का पानी चला गया है। राफियाबाद से पानी नौपोरा, नादिहाल, छिजहामा, लडोरा में घुस गया है। वुल्लरहामा में 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गुलमर्ग विधानसभा के गांव तेरान गांव से सात परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ प्रभावित इलाकों में सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।