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सुरक्षा : जम्मू में पीएम मोदी के दौरे को लेकर अलर्ट के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा से पांच संदिग्ध दबोचे, बैग और दस्तावेज बरामद

Thu, 21 Apr 2022 12:58 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ/हीरानगर

सार

पुलिस ने दबिश देकर एक बैग और कुछ दस्तावेजों के साथ संदिग्धों को हिरासत में लिया। एसएसपी कठुआ रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की गई है। 
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पीएम मोदी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सांबा जिले के विजयपुर के पल्ली गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 24 अप्रैल को प्रस्तावित दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर सेक्टर से पांच संदिग्ध पकड़े हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद इनमें से दो लोगों को जांच के लिए जम्मू भेज दिया गया है।

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इनपुट के आधार पर गांवों में दबिश देकर हिरासत में लिया 

पुलिस ने बुधवार तड़के इनपुट के आधार पर दबिश सीमा से सटे गांवों में दबिश देकर एक बैग और कुछ दस्तावेजों के साथ संदिग्धों को हिरासत में लिया। एसएसपी कठुआ रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की गई है। इनमें से एक उधमपुर और एक कठुआ निवासी को जांच के लिए जम्मू भेजा गया है।

संदिग्धों से पुलिस ने बैग और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए

लोगों को इनपुट के आधार पर जांच के लिए बुलाया जाता है, यह प्रक्रिया उसी की कड़ी है। हालांकि खुफिया सूत्रों ने बताया कि संदिग्धों से पुलिस ने बैग और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के आधार पर पुलिस ने बुधवार तड़के पांच बजे आईबी से सटे गांव लच्छीपुर, ग्याल बंड, महेशे चक, मंडाला में तलाशी अभियान चलाया।

 

सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष टीम (एसओजी)ने तलाशी के दौरान मंडाला और ग्याल बंड से कुल पांच संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया और राजबाग थाने में पूछताछ की। 


अजनबियों को हॉट स्पॉट वाईफाई न प्रदान करें लोग: पुलिस

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सभी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से अनुरोध है कि वे अजनबियों और अपराधियों को वाईफाई, हॉट स्पॉट प्रदान न करें। यदि कोई इस तरह के मामलों में संलग्न पाया जाता है तो इंटरनेट प्रदान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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मालूम हो कि पिछले दिनों यह बात सामने आई थी कि आतंकियों तथा उनके मददगारों ने सुरक्षा बलों के रडार से बचने के लिए आपसी बातचीत में दूसरे हॉट स्पॉट की सुविधा का इस्तेमाल कर बातचीत कर रहे हैं। साथ ही वे उन मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिन पर पुलिस द्वारा संदेह किए जाने की संभावना कम है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दौरान इस नए तौर तरीकों का खुलासा हुआ था। 

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