अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार प्रशासनिक आश्वासनों से तंग आने का आरोप लगाते हुए म्युनिसिपल कमेटी के पांच अस्थायी कर्मियों ने बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास कर डाला।
पांचों पीड़ितों को कटड़ा चिकित्सा केंद्र में प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत में जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार म्युनिसिपल कमेटी के अस्थायी कर्मचारी पिछले 38 महीनों से वेतन जारी नहीं किए जाने और उनके रिकार्ड को सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर एशिया चौक पर धरने पर बैठे थे।
एक हफ्ता पहले ही इन कर्मचारियों को प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि सात दिन में उनकी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। बुधवार को सात दिन पूरे होने पर भी जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो कर्मचारी एक बार फिर से धरना प्रदर्शन पर उतर आए।
गंभीर हालत में जम्मू रेफर किए गए
इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम अनील चंदेल, तहसीलदार कविता पंडोह, थाना प्रभारी कुलदीप कृष्ण की मौजूदगी में अचानक पांच कर्मियों ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया।
अचानक उत्पन्न हुई तनावपूर्ण स्थिति में पांचों पीड़ितों को तत्काल कटड़ा चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया तथा प्राथमिक उपचार के बाद जम्मू रेफर कर दिया गया।
कीटनाशक पीने वाले अस्थायी कर्मियों में सोहन चंद (27) निवासी हंसाली कटड़ा, प्रशोत्तम सिंह (34) निवासी बाण गंगा मार्ग कटड़ा, मोहन लाल (30) निवासी नलेया कटड़ा, कुलवंत सिंह (28) निवासी पागथा, मोहन कुमार निवासी वार्ड 11 कटड़ा शामिल हैं।
इसी दौरान बड़ी संख्या में अस्थाई कर्मियों ने चिकित्सा केन्द्र का घैराव कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा पुरी घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
प्रशासन पर उकसाने का आरोप
एशिया चौक पर धरना प्रदर्शन कर रहे म्युनिसिप्ल कमेटी के अस्थायी कर्मियों द्वारा आरोप लगाया गया है कि कीटनाशक पीने के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा उकसाया गया, जिस कारण ऐसी घटना हुई।
कर्मचारी संदोखु, वीके राय, विनय वर्मा, अजय शर्मा, सन्नी, कुलदीप, अनिल मन्हास, विक्की आदि का आरोप था कि उनसे बात करने पहुंचे अधिकारियों को कर्मचारियों ने ऐसे हालात में जहर खाने की चेतावनी दी।
उसके जवाब में थाना प्रभारी ने कहा कि जहर खाने के लिए हिम्मत चाहिए। परिणामस्वरूप कीटनाशक पीने की घटना हुई। इस संबंध में एसएसपी रियासी सुजीत कुमार का कहना था कि थाना प्रभारी द्वारा कीटनाशक पीने वाले कर्मियों को लगातार रोकने का प्रयास किया जाता रहा तथा आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।
उन्होंने सार्वजनिक स्थल पर आत्महत्या का प्रयास करने पर आरपीसी दारा 309 के तहत मामला दर्ज करने की भी बात कही है।