कारखाना प्रबंधकों की ओर से 10 लाख रुपये की लागत से किए गए थे विकसित
सांबा। सांबा कस्बे की इंदिरा कॉलोनी के निकट बसंतर नदी के तट पर 2019 में सीएसआर फंड के तहत बनाए गए ओपन जिम और पार्क की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यह जिम और पार्क तत्कालीन उपायुक्त अनुराधा गुप्ता के निर्देश पर कारखाना प्रबंधकों की ओर से 10 लाख रुपये की लागत से विकसित किए गए थे। लेकिन अब रखरखाव के अभाव में पार्क में गंदगी और जिम के उपकरण क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
रखरखाव की कमी से बदहाल हुई स्थिति
स्थानीय निवासी विजय कुमार, यशपाल, रघुवीर चंद और रोहित कुमार का कहना है कि जब यह पार्क और जिम बनाया गया था, तब बुजुर्ग, युवा और महिलाएं यहां सैर और व्यायाम के लिए आते थे। जिम में लगे उपकरणों का उपयोग कर युवा फिटनेस पर ध्यान देते थे, लेकिन मरम्मत के अभाव में उपकरण धीरे-धीरे खराब होने लगे। फुटपाथ की टाइलें टूट चुकी हैं, जिम के उपकरण जर्जर हो गए हैं और पार्क में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। पहले पार्क में लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए लोग आगे आए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण अब यह पार्क कूड़ाघर में तब्दील होता जा रहा है।
प्रशासन से पुनर्विकास की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पार्क और जिम का सही रखरखाव किया जाए तो यह फिर से लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द पार्क और जिम की मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि यह दोबारा स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए उपलब्ध हो सके।
कोट
हमने कहा था कि नगर परिषद को जिम व पार्क को सौंपा जाए। हम एक कर्मचारी की ड्यूटी लगा देंगे। मगर जिला प्रशासन ने नहीं सौंपा था। रखरखाव के अभाव से जिम व पार्क खत्म हुआ है।
पवन कोहली, पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद सांबा
कोट
जिला प्रशासन ने ही पार्क व जिम का निर्माण करवाया था। रख रखाव भी प्रशासन ही कर रहा है। नगर परिषद का इसमें कोई काम नहीं है।
जोध राज, सीईओ नगर परिषद सांबा
कोट
सीएसआर के तहत इसी पार्क के निकट एक और पार्क बनाया जा रहा है। कारखाना प्रबंधक ही धन खर्च कर रहा है। फिलहाल पुराने पार्क की मरम्मत के लिए कोई योजना नहीं है।
साकीब, बीडीओ ग्रामीण विकास विभाग सांबा।