भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित दिगवार सेक्टर के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से लगी आग देर रात नो मैंस लैंड में माइन फिल्ड तक पहुंच गई। इसके बाद घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई बारूदी सुरंगों में विस्फोट होने लगे। देखते ही देखते दर्जनों की संख्या में बारूदी सुरंगों में विस्फोट होते रहे।
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित दिगवार सेक्टर के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से लगी आग देर रात नो मैंस लैंड में माइन फिल्ड तक पहुंच गई। इसके बाद घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई बारूदी सुरंगों में विस्फोट होने लगे। देखते ही देखते दर्जनों की संख्या में बारूदी सुरंगों में विस्फोट होते रहे। बारूदी सुरंगों में विस्फोट की आवाजें दिगवार सुनाई दे रही थी।
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बारूदी सुंरगें फटने के बाद हुए धमाकों से पूरा क्षेत्र थर्रा उठा
सूत्रों के अनुसार शाम करीब साढ़े छह बजे दिगवार में नियंत्रण रेखा के पास स्थित नक्करकोट क्षेत्र के उस पार पीओके में अचानक आग के गोले दिखाई देने लगे। जो देर रात्र दस बजे तक नियंत्रण रेखा के आगे नो मैन लैंड को पार करते हुए माइन फिल्ड तक पहुंच गई। इस आग से बारूदी सुंरगें फटने लगी इसके धमाकों से पूरा क्षेत्र थर्रा उठा।
सेना पूरी तरह सतर्क, इलाके में बढ़ाई चौकसी
उस पार से लगी आग के माइन फिल्ड तक पहुंच जाने से भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क हो गई। आग लगातार भारतीय इलाके की तरफ बढ़ती है तो उसे होने वाले नुकसान पर काबू पाया जा सके। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका था। नियंत्रण रेखा के आसपास उस पार से आग लगने की पूर्व में पेश आई घटनाओं के बारे में गौर किया जाए तो अकसर आतंकी और पाकिस्तानी सेना की तरफ से इस प्रकार आग लगाने की घटनाओं को अंजाम देने की सूचनाएं प्राप्त होती रही हैं।
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इसके पीछे पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की मंशा आग से बारूदी सुरंगों को तबाह कर आतंकियों की घुसपैठ को सुरक्षित एवं आसान बनाना है। इधर सेना लगातार इस प्रकार की साजिशों को नाकाम करते रहती है।