अखनूर में गेहूं की फसल में लगी आग।
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घगवाल (सांबा) तहसील राजपुरा के गांव चक दुल्मा में शुक्रवार दोपहर बाद लगी आग से किसानों की 84 कनाल गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से दमकल विभाग के वाहन ने आग को फैलने से बचा लिया। सरपंच विनय कुमार शर्मा, पूर्व सरपंच धर्मपाल ने बताया की अचानक लगी आग से किसानों की 84 कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई है। इस दौरान किसान प्रेम पाल, रामजी दास, देस राज, प्रकाश चंद, चचंलो देवी आदि की फसल के जलने की सूचना है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग उठाई है कि आग से हुए नुकसान पर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
सांबा में एक सप्ताह में आग से 184 कनाल गेहूं की फसल जल कर हुई राख
सांबा। इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। क्षेत्र में कंबाइन मशीन के नहीं पहुंचने से किसान पहले से ही चिंतित हैं। ऐसे में आग की घटनाओं से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सांबा जिले में एक सप्ताह में ही खेतों में आग लगने की चार घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें 184 कनाल गेहूं की फसल जल कर राख हो चुकी है।
इसमें 30 कनाल रैपर पंचायत, 20 कनाल बलेतर पंचायत, 50 कनाल सदोह पंचायत और 84 कनाल चक दुल्मा पंचायत शामिल है। यही नहीं प्रत्येक वर्ष आग की घटनाएं हो रही हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसान काफी परेशानी में रहते हैं। किसानों के अनुसार प्रशासन को कई बार सूचना देने पर भी कोई तात्कालिक मदद नहीं मिलती है। बिजली की ढीली तारें हादसे का कारण बन रही हैं। बीस से पच्चीस वर्ष से तारें ही नहीं बदली गई हैं। थोड़ी सी हवा चलने पर तारें टकराती हैं और आग लग जाती है। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की है कि बिजली ढांचे को दुरुस्त किया जाए। ताकि हर वर्ष किसानों की फसल को आग से बचाया जा सके।
अखनूर में आग लने से छह कनाल गेहूं की फसल राख
अखनूर। गांव अंबारां में गेहूं की फसल में आग लग गई। इसमें छह कनाल फसल जल कर राख हो गई। आग लगाने के कारण का पता नहीं चल सका।
जानकारी के अनुसार कस्बे से सटी पंचायत अंबारां क्षेत्र में माया देवी की खेतों में खड़ी फसल में वीरवार रात्रि आग लगने से छह कनाल फसल जल कर राख हो गई। हालांकि आसपास के ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मगर आग भीषण होने पर उसकी रोकथाम नहीं हो सकी। हालांकि आसपास कई एकड़ फसल को आग लगने से ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से बचा लिया। दमकल विभाग को भी सूचित किया गया, मगर आग लगने के स्थान पर वाहन नहीं पहुंच पाया। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि परिवार के सदस्यों का पालन पोषण इसी फसल पर निर्भर था सरकार को मुआवजा देना चाहिए। संवाद