रियासी। लोक निर्माण विभाग डिविजन माहौर के स्थानीय कार्यालय में बुधवार रात को आग लगने से काफी रिकॉर्ड जल कर राख हो गया। कार्यालय में आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने बचे हुए कुछ रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया है।
वहीं, वित्त वर्ष के अंतिम दिन से कुछ समय पहले रिकॉर्ड के आग की भेंट चढ़ने से क्षेत्र में चर्चाओं को बाजार गर्म है। बताया जाता है कि बुधवार रात को लोक निर्माण कार्यालय में हुए धमाके के साथ आग लग गई। स्थानीय लोग धमाके की आवाज सुनने के बाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। माहौर में अग्निशमन विभाग न होने के कारण पुलिस व लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद आग पर काबू पाया गया।
मौके पर आई पुलिस ने बचे हुुए रिकॉर्ड को कब्जे में कर लिया। वहीं, क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि विभाग ने विकास कार्यों में गोलमाल किया है। रिकॉर्ड को जला कर करोड़ों के घोटालों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन जोगिंदर पाल ने कहा कि जिस समय आग लगी, तब कार्यालय बंद था। आग लगने से कौन सा रिकॉर्ड जल गया है, इसके बारे में कुछ पता नहीं है। बचा हुआ रिकॉर्ड पुलिस अपने साथ ले गई है, जिसकी जांच किए जाने के बाद ही रिकॉर्ड का पता चल सकेेगा। आग लगने के संदर्भ में मामला दर्ज करवा दिया है।