राजोरी। बढ़ती गर्मी के चलते राजोरी के विभिन्न जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन वन विभाग के पास अभी तक आग पर काबू पाने के लिए उपकरण ही नहीं हैं। विभाग के कर्मचारी पेड़ों की टहनियों को तोड़कर आग बुझाने का प्रयास करते हैं। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह राजोरी के चिंग्स, कलर और अग्रती के जंगलों में आग लग गई। हालांकि शाम करीब छह बजे मशक्कत से इस पर काबू पा लिया गया था। आग बुझाने में इतना समय लगने का बड़ा कारण ये है कि जिन जंगलों में आग लग हुई है, वह सड़क संपर्क से बहुत दूर है। यहां दमकल वाहनों का पहुंचना असंभव है। हालांकि वन विभाग, फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स और दमकल के कर्मचारियों ने मशक्कत से आग पर काबू पाया।
फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के असिस्टेंट डायरेक्टर मसूद अहमद ने बताया कि जंगलों के आसपास रहने वाले लोग अधिक घास के लालच में जंगलों में आग लगा देते हैं, ताकि बेहतर घास हो और मवेशियों के चारे की कोई कमी न हो। जंगलों में आग जमीन पर गिरे चीड़ के पत्तों को जलाने के लिए व पुरानी घास को साफ करने के लिए लगाई जाती है और यह आग जंगल को अपनी चपेट में ले लेती है। इससे जंगलों का भारी नुकसान हो रहा है। हमारे पास आग पर काबू पाने के उपकरणों की कमी है। हमने उच्च अधिकारियों से उपकरणों की मांग की है। उन्होंने बताया कि अब ऐसे लोगो की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी जो आग लगा रहे हैं।