सिद्दडा मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के कठुआ और सांबा बार्डर से आने की आशंका है। जम्मू में पिछले कुछ सालों में हुए तमाम बड़े फिदायदीन हमलों में शामिल आतंकी और मुठभेड़ में मारे जाने वाले आतंकी सीमा पार से आए थे। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि यह आतंकी सीमा पार से आए हैं या फिर कहीं और से।
वर्ष 2018 में एनआईए की जांच में यह बताया गया कि सांबा और कठुआ बार्डर का लगातार घुसपैठ के लिए इस्तेमाल हो रहा है। इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दी गई थी। बावजूद इसके सीमा पार से घुसपैठ को पूरी तरह से रोकने में सफलता नहीं मिल पाई है।
जम्मू में आतंकियों से सुरक्षाबलों की मुठभेड़ के बाद हीरानगर में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हीरानगर सेक्टर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। हाईवे से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बीएसएफ के आईजी डीके बोरा ने बुधवार को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) की स्थिति का जायजा लिया। बीएसएफ की बोबिया पोस्ट पर अधिकारियों से बात कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। सीमावर्ती इलाकों को हाईवे से जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पुलिस ने जगह-जगह नाके लगाकर वाहनों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस गश्त करते हुए हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। बॉर्डर डीएसपी पंकज सूदन ने बताया कि पूरे इलाके में हाई अलर्ट है। सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए हैं। सीमावर्ती इलाके के सभी संपर्क मार्गों पर वाहनों की बारीकी से जांच की जा रही है। इसी के साथ वीडीसी के जवानों को भी सक्रिय कर दिया गया है।