जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने जेएनयू मामले को विश्वविद्यालय का आंतरिक मसला ठहराते हुए कहा कि इसे प्रबंधन द्वारा सुलझाया जाना चाहिए था।
पत्रकारों और वकीलों पर हुए हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया। श्रीनगर में डा. फारूक अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि जेएनयू का मुद्दा विश्वविद्यालय का अपना मुद्दा था।
अगर विश्वविद्यालय के भीतर कोई मुद्दा खड़ा हुआ था, तो उसे वाइस चांसलर द्वारा हल किया जाना चाहिए था। लेकिन अब यह मामला तूल पकड़ चुका है, एक बड़ा मुद्दा बन गया है।