आखिरकार कश्मीर में उच्च घनत्व वाले सेब की खेती शुरू कर दी गई है। शोपियां के सात उन्नत किसानों के बागानों से इसकी शुरुआत की गई है। इसके बाद अन्य जिलों में भी काम शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने नीदरलैंड से एक लाख पौधे लाए थे। इनको करीब छह महीने तक आइजोलेट करके रखा गया है। इसके बाद बाहर निकाले गए।
प्रति हेक्टेयर 2200 पौधे लगाए गए हैं। प्रति हेक्टेयर में इसकी पैदावार 85 मीट्रिक टन तक होगी। अगले दो साल में इन पौधों पर फल लगना शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि कश्मीर में पारंपरिक सेब के पेड़ प्रति हेक्टेयर में 240 ही लगते हैं और इसकी पैदावार 10 से 15 मीट्रिक टन तक होती है। शोपियां में करीब पांच हजार हेक्टेयर पर इसके पौधे लगाए गए हैं।
कश्मीर में हर साल 15 से 18 लाख मीट्रिक टन पैदावार होती है। जबकि अब कश्मीर में हर साल 80 से 85 लाख मीट्रिक टन तक पैदावार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कश्मीर में छह महीने तक इन पौधों पर नजर रखी गई है। कश्मीर हार्टीकल्चर विभाग के निदेशक रफीक हकीम का कहना है कि इसके लिए कई सालों से काम चल रहा था। अब जाकर शुरुआत हुई है। उम्मीद है कि इसका अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा।