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फसल का नुकसान जानने को खेत में तो आएं हुजूर!

Tue, 21 Apr 2015 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
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मौसम का कहर झेल रहे किसानों का गुस्सा सरकार पर निकलना शुरू हो गया है। मुआवजे की मांग के बावजूद सिर्फ आश्वासनों पर टिका धैर्य अब जबाव देने लगा है।
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बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा मिलने में देरी को लेकर सोमवार को किसान भड़क उठे। गुस्साए किसानों ने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

उन्होंने सरकार पर किसान वर्ग की अनदेखी का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि सरकार ने किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह तो तब होगा, जबकि अधिकारी खेतों में जाकर फसल के नुकसान की रिपोर्ट बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि अभी तक हकीकत यह है कि ज्यादातर गांवों में सरकार की ओर से नुकसान के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं तैयार करवाई गई है।

इससे ही सरकार की मंशा स्पष्ट हो जाती है।सोमवार को शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में प्रदर्शन कर रहे किसानों का नेतृत्व कर रहे किसान तहरीक के जिला अध्यक्ष बनारसी दास ने कहा कि जिला में फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक न ही किसान क्रेडिट कार्ड का ऋण माफ किया गया है और न ही किसानों को मुआवजा मिला है।
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उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सरासर अन्याय है। किसान भुखमरी की कगार पर पंहुच चुके हैं लेकिन सरकार को इसकी परवाह ही नहीं है।

किसानों ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हवा में रिपोर्ट बनाने की अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। न तो सर्वे हो रहा है और न ही किसी ने जमीनों का रुख किया है।

अलबत्ता अधिकारियों से पूछने पर यह जरूर पता चलता है नुकसान का आंकलन चल रहा है। ऐसे में विभाग क्या रिपोर्ट सरकार को सौंपता है इसे लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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उन्होंने फसल मुआवजा मामले पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए जल्द से जल्द मुआवजा जारी करने को कहा। प्रदर्शनकारियों में मोहिंदर सिंह, ठाकुर बलदेव सिंह, लाल चंद, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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