जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित फर्जी गन लाइसेंस मामले में हुए वित्तीय लेनदेन को लेकर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज शिकायत का अदालत ने संज्ञान लिया है। विशेष न्यायाधीश सीबीआई बाला ज्योति ने आईएएस अधिकारी राजीव रंजन और अन्य सभी आरोपियों को 26 अप्रैल को सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया है।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत सहायक निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार द्वारा आईएएस अधिकारी राजीव रंजन और 17 अन्य आरोपियों के खिलाफ शिकायत दायर करवाई थी। सोमवार को विशेष न्यायाधीश सीबीआई ने शिकायत की की पूरी सामग्री का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया में लगता है कि आरोपी ने उपरोक्त धाराओं के तहत अपराध किया है।
इसलिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित हो। न्यायाधीश ने सभी आरोपी व्यक्तियों को पेश होने और सुनवाई की अगली तारीख पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान वकील एसके भट ने ईडी में शिकायत संख्या 4/2020 पर संज्ञान लेने को तब तक के लिए स्थगित करने की भी मांग की। जेएनएफ
इन लोगों के खिलाफ ईडी ने दर्ज की है शिकायत
आईएएस राजीव रंजन, राहुल ग्रोवर, गजन सिंह, इतरत हुसैन रफीकी, तारिक अतहर बेग, जुमुराद हुसैन शाह, सैयद अदील हुसैन शाह उर्फ, सैयद अकील शाह, आब्दी हुसैन शाह, मदन मोहन भार्गव, मुकेश भार्गव, देवी दयाल खजुरिया, कुमार ज्योति रंजन, कृपा शंकर रॉय, गगनप्रीत सिंह, हनी प्रीत सिंह, रजिया रफीकी और सैयद अतीक उर रेहम नाज़की उर्फ डॉ. अतीक्वाल्ला शामिल हैं।