जम्मू-कश्मीर के निर्दलीय विधायक इंजिनियर रशीद द्वारा कश्मीरी पंड़ितों की गर वापसी पर विवादित बयान देकर एक नया बवाल खड़ा कर दिया है।
विधायक रशीद ने कहा था कि कश्मीरी पंडित घाटी में लौटने से पहले यहां रहने वाले बहुसंख्यकों (मुस्लिम समुदाय) से बिना शर्त माफी मांगें क्योंकि वह अपने मुसलमान भाइयों को आतंकियों के रहम-ओ-करम और संगीनों के साए में छोड़कर भाग खड़े हुए थे।
इंजीनियर रशीद ने कहा कि कश्मीरी पंडित उस समय घाटी छोड़कर भागे थे, जब घाटी में उग्रवादियों का दबदबा था। हिरासत में निर्दोषों को प्रताड़ित किया जा रहा था। रशीद ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को पर्यटकों की तरह नहीं, बल्कि भाइयों की तरह हर हालात में साथ देने के वादे के साथ लौटना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह उन कश्मीरी पंडित संगठनों और बुद्धिजीवियों की तारीफ करते हैं जिन्होंने कश्मीर में पुनर्वास की साजिश का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया।
सोशल साइट ट्विटर पर राशिद के विरोध में बयानों की बाढ़
रशीद की यह टिप्पणी केंद्र सरकार के एक कदम के बाद आई है, जिसमें कश्मीरी पंडितों के लिए अलग बस्ती बसाने की बात कही गई है। अलगाववादियों ने केंद्र सरकार की इस योजना का पुरजोर विरोध किया।
इंजिनियर रशीद के इस बयान के बाद चारों तरफ उनकी आलोचना शुरु हो गई है। सोशल साइट ट्विटर पर राशिद के विरोध में बयानों की बाढ़ आ गई है।
इंजीनियर रशीद के बयानों को जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी खारिज किया है। सरकार की ओर से मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि वह रशीद के बयान से सहमत नहीं हैं।
कश्मीरी पंडितों के माफी मांगने का कोई कारण ही नहीं है। उन्हें काफी दुर्भाग्यपूर्ण हालात में घाटी में अपने घरों को छोड़ना पड़ा।
'जर्मनी भी यहूदियों से माफी मांगे'
इंजिनियर रशीद के इस विवादित बयान के बाद बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने कड़ी आलोचना की है। अनुपम खेर ने कहा है कि अगर कश्मीरी पंड़ित मुस्लिम समुदाय से माफी मांगे तो फिर इस तरह से तो जर्मनी को यहूदियों से माफी मांगानी चहिए।
अनुपम खेर ने रविवार को कहा कि भारतीय संविधान की धारा 370 जो कि कश्मीर राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देती है उसे समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विस्थापित हुए पंडित समुदाय के लिए कश्मीर घाटी में स्मार्ट सिटी बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, 'मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह इस बस्ती का एक स्मार्ट सिटी के रूप में निर्माण करने पर विचार करे। देश के कुछ सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक, शिक्षाविद और आईटी पेशेवर पंडित समुदाय से आते हैं।'