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उपजिला अस्पताल की दिवार तोड़ रात को लगा दिया आनेजाने के लिए गेट

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उपजिला अस्पताल में दिवार तोड लगाया गेट - फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। उपजिला अस्पताल की चारदीवारी तोड़कर रातोंरात गेट लगा दिया गया। यह गेट किसने लगाया, यह रहस्य बना हुआ है। रातों रात इस तरह से अस्पताल की दीवार तोड़ कर गेट लगाने की इस घटना के बाद कस्बे में चर्चा बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने मिलकर यह गेट लगाया गया है। हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का कहना है उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि प्रबंधन की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ एसडीएम व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित कर दिया गया है। रातों रात जिस तरह से अस्पताल की दीवार तोड़ कर गेट लगाया है, उससे लोगों को अस्पताल प्रबंधन की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। होली की छुट्टी होने पर एक योजना के तहत गेट लगाया गया। रात के समय देखरेख के लिए उपजिला अस्पताल में दो चौकीदार हैं, और रात को वह कहां थे।
कार्यकारी ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. मनोज गुप्ता का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को कोई जानकारी इसकी नहीं लगी। सुबह अस्पताल के स्टाफ ने देखा और उसके बाद तुरंत इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई। इसके अलावा एसडीएम व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी लिखित अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि लगाए गए गेट को बंद कर दिया गया है और पुलिस इसमें जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर इसमें कोई स्टाफ सदस्य की मिली भगत हुई तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
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एनओ की ड्यूटी कर रहा बाहरी व्यक्ति
आरएस पुरा। उपजिला अस्पताल में कई दिन से हड्डी रोग के डॉक्टर के कमरे के बाहर एनओ के बजाय उसका कार चालक एनओ बनकर सरकारी कार्य कर रहा है। यहां उपचार कराने वाले रोगियों की पर्चियों को जमा करने के साथ डॉक्टर के पास भेजने की प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है। यही नहीं रोगियों को प्लास्टर करने में संबंधित डॉक्टर का सहयोग कर रहा है। गौरतलब है कि उपजिला अस्पताल में नियुक्त ब्लॉक मेडिकल अधिकारी के दो माह पूर्व सेवानिवृत्त होने के बाद नया अधिकारी नहीं लगाया गया। यहां नियुक्त डॉ. को कार्यकारी ब्लॉक मेडिकल अधिकारी बनाया गया है। बाहरी व्यक्ति एनओ का कार्य करने पर कार्यकारी ब्लॉक मेडिकल अधिकारी मनोज गुप्ता का कहना है कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति एनओ का कार्य कर रहा है। तो इस संबंध में जांच कर कार्रवाई जाएगी। संवाद
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