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Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में CRPF दल पर हमला, एक इंस्पेक्टर बलिदान; अभियान जारी

Tue, 20 Aug 2024 01:53 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

उधमपुर के रामनगर के चील इलाके में सीआरपीएफ की नियमित गश्त के दौरान आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर बलिदान हो गए। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। 
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उधमपुर में आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आतंकियों ने सोमवार को सीआरपीएफ के दल पर हमला किया है। इस हमले में एक इंस्पेक्टर के बलिदान की खबर है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। फिलहाल दोनों ओर से फायरिंग जारी है। 

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एक अधिकारी ने बताया कि उधमपुर के रामनगर के चील इलाके में सीआरपीएफ की नियमित गश्त के दौरान आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर बलिदान हो गए। शहीद की पहचान कुलदीप मलिक के रूप में हुई है। उधमपुर के डीआइजी रईस मोहम्मद भट ने बताया कि डुडु में आतंकियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर बलिदान हो गये। बहुत दुखद है लेकिन यह हमारे कर्तव्य का हिस्सा है।  यह एक जंगल है, जहां सड़कें और नेटवर्क नहीं हैं। यहां हम विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हम प्रौद्योगिकी और ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं और हम जल्द से जल्द खतरे को बेअसर करने की कोशिश कर रहे हैं। अभियान जारी है। 

हरियाणा के रहने वाले थे बलिदानी
54 वर्षीय सीआरपीएफ इंस्पेक्टर कुलदीप हरियाणा के जींद जिले के गांव निडानी के रहने वाले थे और जल्द ही डीएसपी के पद पर पदोन्नत होने वाले थे। देर रात उनके शहीद होने की सूचना आने के बाद गांव में मातम छा गया। जानकारी होते ही उनके घर पर गांव के लोगों का आना शुरू हो गया। 

कुलदीप मलिक का परिवार फिलहाल अपने बेटों के साथ दिल्ली में रहता है। उनके दो बेटे संजय और नवीन हैं। संजय रेलवे पुलिस दिल्ली में तैनात हैं, तो नवीन सेना में हैं। कुलदीप मलिक के चचेरे भाई पूर्व जिला परिषद सदस्य अमित निडानी ने बताया कि फिलहाल परिवार के लोगों को इसकी सूचना नहीं मिली है। उनको इसकी सूचना मिल चुकी है। वह अभी सीआरपीएफ उधमपुर में संपर्क का प्रयास कर रहे हैं। संपर्क नहीं हो पाया है।
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आतंकियों को मिली रही है स्थानीय मदद
इससे पहले सात अगस्त को भी उधमपुर के बसंतगढ़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। हालांकि आतंकी खराब मौसम और धुंध का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे थे। माना जा रहा है कि उधमपुर के बसंतपुर के ऊपर जंगल में आतंकियों के कुछ ग्रुप यहां बीते कुछ महीने से छिपे हुए हैं। लोग संदिग्ध देखे जाने की लगातार सूचना दे रहे हैं। इतने समय तक बिना गाइड व मददगारों के छिपना संभव नहीं है। सूत्रों की माने तो इन आतंकियों को किसी स्थानीय के यहां शरण मिल रही है। मौजूदा समय में गुज्जर-बकरवालों के कई डेरे जंगलों व पहाड़ों पर हैं। इनको धमकाकर आतंकी खाने का इंतजाम कर लेते हैं। सुरक्षाबलों को अप्रैल से इस क्षेत्र में आतंकियों की गतिविधियों के बारे में सूचना है। 
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