दक्षिणी कश्मीर में इस साल का सबसे बड़ा आपरेशन चलाते हुए सुरक्षा बलों ने अलग-अलग तीन मुठभेड़ों में कमांडर जुबैर अहमद तुर्रे समेत 13 आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकी लश्कर तथा हिजबुल मुजाहिदीन के माने जाते हैं। एक आतंकी को जिंदा भी दबोचा गया है।
सेना के तीन जवान शहीद हुए हैं। आतंकियों को भगाने के लिए नागरिकों ने मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षा बलों पर जबर्दस्त पथराव किया। हिंसक झड़पों में दो नागरिकों की मौत हो गई जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। तनाव को देखते हुए घाटी में रेल सेवा स्थगित कर दी गई।
मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। मुठभेड़ के विरोध में अलगाववादियों के दो दिन के बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। डीजीपी डा. एसपी वैद ने ट्वीट कर 13 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की है। साथ ही कहा है कि सुबह दोबारा मुठभेड़ स्थल पर तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर दक्षिण कश्मीर में रविवार देर रात शोपियां तथा अनंतनाग जिले में तीन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। रात को करीब एक बजे शोपियां जिले के द्रागड़ व कचदूरा और अनंतनाग के दियालगम इलाके में घर-घर तलाशी ली जाने लगी।
इसी दौरान शोपियां में भारी संख्या में मौजूद आतंकियों ने खुद को घिरता देख गोलीबारी कर भागने का प्रयास किया। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की तो मुठभेड़ शुरू हो गई। शोपियां में 12 आतंकी मार गिराए गए। इसके साथ ही अनंतनाग के दियालगम में मुठभेड़ में रउफ तुर्रे को मार गिराया गया।
सुरक्षा बलों की सरेंडर की अपील ठुकराते हुए उसने फायरिंग शुरू कर दी तो जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया गया। वह इस साल के शुरुआत में लापता हुआ था और मार्च के आखिरी सप्ताह में उसकी हथियार के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
उसके साथ मौजूद एक अन्य आतंकी इमरान अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया। शोपियां में मारे गए आतंकियों की शिनाख्त जुबैर अहमद तुर्रे (बोंगाम, शोपियां), इशफाक अहमद मलिक (पिंजूरा, शोपियां), नजीम अहमद डार (उरपोरा, नागबल), आदिल अहमद ठोकर (हुमहोना), उबैद अहमद मल्ला (ट्रेंज) व रईस अहमद ठोकर (पड्डरपोरा) के रूप में हुई है।
शोपियां जिले के कचदूरा में मुठभेड़ के दौरान 34 राष्ट्रीय राइफल्स के सिपाही हेतराम गोदारा व लांस नायक निलेश सिंह शहीद हो गए। हालांकि, सेना की ओर से फिलहाल नाम की पुष्टि नहीं की गई है। ऑपरेशन को सेना, सीआरपीएफ, पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया है।
डीजीपी ने बताया कि सभी आतंकी स्थानीय थे। इनसे भारी मात्रा में भी हथियार बरामद किए गए हैं। उन्होंने अनंतनाग एसएसपी अल्ताफ खान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आतंकी के परिजनों से सरेंडर करवाने की अपील कराई थी, लेकिन उसने बात नहीं मानी और मारा गया। आधे घंटे तक परिजनों ने सरेंडर करने की गुहार लगाई लेकिन आतंकी इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
इलाके में भड़की हिंसा, 4 की मौत, 80 घायल
मुठभेड़ शुरू होते ही पूरे इलाके में हिंसा भड़क गई। इसी बीच स्थानीय युवा सड़क पर उतर आए और सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। युवाओं ने आतंकियों को भगाने के लिए पत्थरबाजी का सहारा लिया और जमकर देशविरोधी नारेबाजी की।
हालांकि सुरक्षाबलों ने हालात पर नियंत्रण करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस हिंसा में 4 नागरिकों की मौत हो गई जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुरक्षाबलों की ओर से पैलेट गन भी दागे। जिसकी चपेट में आने से करीब 10 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं।