अमरनाथ यात्रा से पहले दक्षिणी कश्मीर में पैर पसार रहे आतंकियों पर सुरक्षाबल कहर बनकर बरसेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने रणनीति बनाई है कि दक्षिणी कश्मीर जहां से यात्रा मार्ग गुजरता है वहां आतंकियों का सफाया करते हुए उन्हें गड़बड़ी फैलाने का कोई मौका नहीं दिया जाए।
सुरक्षा बलों का पूरा फोकस दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों के सफाये के साथ ही उत्तरी कश्मीर से घुसपैठ रोकने पर होगा। इसके लिए गांव-गांव में व्यापक पैमाने पर कासो तथा ऑपरेशन ऑलआउट चलाने की भी रणनीति बनाई गई है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ जबर्दस्त ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
कोरोना संकट की वजह से दो साल बाद होने वाली अमरनाथ यात्रा को सकुशल तथा सुरक्षित बनाने के लिए पिछले दिनों उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई यूनिफाइड कमांड की बैठक में सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ आतंकवाद से निपटने की रणनीति बनाई जा चुकी है। इसके तहत आतंकियों पर कहर बनकर बरसने, उन्हें मांद से खोज निकालने, अवांछनीय तत्वों पर नकेल कसने और घुसपैठ रोकने की रणनीति बनाई गई है।
सूत्रों ने बताया कि यात्रा मार्ग पर कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा जिले के साथ ही शोपियां जिले को भी आतंकियों से मुक्त रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाने का फैसला किया गया है। ताकि आतंकियों में खौफ पैदा हो और वह या तो समर्पण कर दें या फिर भूमिगत हो जाएं। इस कदर दबाव बनाना है कि उन्हें हमले की साजिश करने का मौका नहीं मिल सके।
सूत्रों के अनुसार आतंकियों के निशाने पर हर बार अमरनाथ यात्रा रहती है। इस आशंका के मद्देनजर अभी से सुरक्षा एजेंसियां तैयार हैं ताकि कोई मौका आतंकी संगठनों को न मिलने पाए। त्रिस्तरीय घेरा में पूरी यात्रा को संपन्न कराया जाएगा। ड्रोन तथा हेलीकॉप्टर से भी निगरानी रहेगी।