फ्लाएं मंडाल क्षेत्र के हजारों घरों में रोशनी आने में अभी कई दिन और लग सकते हैं। अब समस्या यह आई है कि बिजली ढांचे को खड़ा करने के लिए भूमि विवाद अदालत पहुंच चुका है। सोमवार को अदालत में सुनवाई किन्हीं कारणों से टल गई।
इससे बिजली ढांचे को खड़ा करने का काम भी सुस्त पड़ गया है और इससे प्रभावित ग्रामीणों को बिजली बहाली में देरी हो सकती है। फ्लाएं मंडाल क्षेत्र के 45 से ज्यादा गांवों में छह सितंबर को तवी में आई बाढ़ के बाद से ही बिजली गुल पड़ी हुई है।
फ्लाएं मंडाल क्षेत्र की सौहांजना पंचायत के सरपंच कुलभूषण खजूरिया का कहना है कि बिना बिजली के गांव के लोग लगभग 50 साल पहले जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गर्मी का मौसम अभी चल रहा है। पंखे की जगह हाथ से पंखी चलाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अस्पतालों में मशीनें ठप पड़ी हैं। पशुओं के लिए चारे तक की मशीनें बिना बिजली के नहीं चल पा रही हैं और किसानों को हाथ से चारा काटना पड़ रहा है।
बिजली विभाग के ईएमएंडआरई डिवीजन जम्मू के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुनील का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से तवी में बहे बिजली ढांचे को बहाल करने के लिए काम तेजी से किया जा रहा था लेकिन गणेशुचक्क के कुछ ग्रामीण ढांचे को खड़ा करने की भूमि के मामले में अदालत में चले गए।
सोमवार को सुनवाई थी लेकिन किसी कारण अदालती कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई अब बुधवार को होगी। गणेशुचक्क को छोड़ अन्य जगह बिजली विभाग की ओर से ढांचा खड़ा करने का काम चल रहा है।