मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसी तरह मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जा रहा है। सीईसी ने कहा कि पुनर्व्यवस्थित और नए निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग ऑफिसर और अतिरिक्त चुनावी पंजीकरण अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव मौसम और सुरक्षा चिंताओं सहित विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए कराए जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश में चुनावों के संभावित समय के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए राजीव कुमार ने कहा, 'हम इस बात से अवगत हैं कि किसी भी स्थान पर जहां चुनाव होने वाले हैं, यह हमारा कर्तव्य है कि हम शासनादेश के अनुसार सरकार प्राप्त करें।'
चुनाव आयुक्त ने कहा, 'हम जानते हैं कि एक बार प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, वे (चुनाव) अवश्य होने चाहिए। मौसम को लेकर, सुरक्षा चिंताओं और अन्य सभी कारकों को लेकर...अन्य चुनाव को ध्यान में रखते हुए हम एक निर्णय लेंगे।'
जम्मू कश्मीर के अंतिम मतदाता सूची को पिछले साल 25 नवंबर को प्रकाशित किया गया है, जिससे विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है। राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया है। करीब तीन साल के अंतराल के बाद मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया है।