मुख्यमंत्री एवं प्रो चांसलर मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के साथ ही उनके लिए रोजगार के साधन जुटाने पर भी काम करें।
राज्य के पढ़े लिखे युवाओं को बाहर जाने की जरूरत न पड़े, बल्कि उनकी मांग बढ़े। चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर मानव स्रोत पर काम हो।
विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य की जिम्मेदारी लेकर काम करें। मुफ्ती ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय जम्मू के शारीरिक शिक्षा विभाग के नवनिर्मित अकादमिक एवं प्रशासनिक ब्लाक को फैकल्टी और विद्यार्थियों को समर्पित किया।
केंद्र सरकार के प्रायोजन में राज्य में साक्षरता का स्तर बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के तहत उच्च शिक्षा को विकसित किया जा रहा है।
इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से भी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। देश में दो राजधानी वाला जम्मू-कश्मीर अकेला राज्य है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में समान न्याय देना पड़ता है। दोनों संभागों में सेंट्रल यूनिवर्सिटी और एम्स जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों पर काम हो रहा है।
एम्स और पांच नए मेडिकल कालेजों के साथ स्टाफ के लिए पैरा मेडिकल और नर्सिंग केंद्रों को विकसित करने पर भी काम होना चाहिए। सेटेलाइट कैंपसों और विश्वविद्यालयों में बाजार की मांग के मुताबिक कोर्स करवाए जाएं।
भद्रवाह और दूसरे कैंपसों को विकसित करने पर काम हो। रियासत में शिक्षा के साथ खेलों के स्तर को ऊपर लाने के लिए केंद्र ने दो सौ करोड़ मंजूर किया है।
बिजबिहाड़ा में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर परवेज रसूल ने क्रिकेट एकेडमी बनाने की योजना बनाई है जो राज्य के युवाओं के लिए प्रोत्साहन का काम करेगी। जिला खेल काउंसिल पर भी काम हो।
कुलपति प्रो. आरडी शर्मा ने बताया कि 2.63 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए अकादमिक और प्रशासनिक ब्लाक से विद्यार्थियों के साथ फैकल्टी को लाभ मिलेगा।
उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी। समारोह में उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, एमएच मलिक, मौलवी इमरान अंसारी, प्रो. केशव शर्मा, प्रो, ध्यान सिंह भाऊ सहित अन्य फैकल्टी मौजूद रही।