स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में नीति आयोग के सहयोग से 500 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना बना रहा है। दिसंबर में स्कूलों के निरीक्षण के लिए नीति आयोग की टीम जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आएगी।
जम्मू-कश्मीर में स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में नीति आयोग के सहयोग से 500 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना बना रहा है। वर्तमान में जम्मू संभाग में दो लैब को मंजूरी मिली है, जिसे विभाग अब बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए ऐसे हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को आवेदन मांगे हैं, जहां पर 200 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं।
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टिंकरिंग लैब नीति आयोग की ओर से अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्थापित की जाती है। इन लैब को स्वीकृति देने वाले प्राधिकारियों की टीम दिसंबर में प्रदेश का दौरा करेगी। टीम इन स्कूलों की जांच कर और मौजूदा ढांचे को देखकर लैब के लिए मंजूरी देगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
वैज्ञानिक सोच को हकीकत में बदलता देख सकेंगे बच्चे
स्कूलों में लैब होने से बच्चे अपने आइडिया को हकीकत में बदलता देख सकेंगे। नीति आयोग की ओर से लैब स्थापित करने के लिए 12 लाख रुपये आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे लैब में 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की नई तकनीकों से छात्रों को रूबरू होने का मौका मिलेगा।
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बच्चे वर्तमान समय की जरूरी कौशल सीख सकेंगे और बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा। केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों में लैब शुरू हो गई हैं। अब बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूलों में भी इन्हें शुरू करने की कवायद की जा रही है।
अगले महीने लैब को स्वीकृति देने वाली टीम जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगी। हमारी कोशिश है की 500 स्कूलों में लैब स्थापना की मंजूरी मिले। इससे बच्चों की वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा और उनमें नवाचार और रचनात्मकता का भाव पैदा होगा।