जम्मू। जम्मू-कश्मीर के युवाओं का भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रति रुझान तेजी से बढ़ रहा है। देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा में प्रदेश के युवाओं की सफलता इस बात को सच साबित कर रही है। 2009 में यूपीएससी की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने वाले शाह फैसल के बाद युवाओं का क्रेज इस प्रतिष्ठित परीक्षा की तरफ बढ़ा है।
2011 से अब तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने देश को 139 आईएएस और आईपीएस अफसर दिए हैं। यूपीएससी की ओर से 2021 में ली गई सिविल सर्विस परीक्षा के परिणाम में जम्मू-कश्मीर के 10 युवाओं ने सफलता पाई है, इनमें दो लद्दाख से हैं।
प्रदेश में कम संसाधन और अशांत माहौल के बावजूद यहां के युवा अपने सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर हैं। देश के अन्य राज्यों के मुकाबले जम्मू-कश्मीर में इस तरह की प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
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किस वर्ष कितने युवाओं ने पास की परीक्षा
यूपीएससी की परीक्षा के परिणाम 2011 से देखें तो जम्मू-कश्मीर के युवाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। 2011 में 11 युवाओं ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की। 2012 में 10, 2013 में भी 11, 2014 में 10, 2015 में नौ, 2016 में 14, 2017 में 14, 2018 में 15, 2019 में 16 इनमें दो लद्दाख से, 2020 में भी 10 युवाओं ने यह परीक्षा उत्तीर्ण की। 2021 में नौ और 2022 में 10 युवाओं ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है, इनमें दो लद्दाख से हैं।
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सरकार निशुल्क दे रही कोचिंग
प्रदेश के युवाओं का सिविल सेवा परीक्षा की तरफ बढ़ते रुझान को देखते हुए सरकार ने अब निशुल्क कोचिंग देने का फैसला लिया है। सरकार ने मिशन यूथ के प्रवाज योजना शुरू की है। इसमें मिशन यूथ यूपीएससी की तैयारी करने वाले और परीक्षा का पहला चरण पास करने वाले युवाओं को कोचिंग संस्थानों में निशुल्क कोचिंग देने की तैयारी कर रही है।