ज्यौड़ियां। एक ओर कारोना तथा दूसरी तरफ सरकार की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दिन प्रति दिन बिगड़ता जा रहा है। क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में ज्यादातर गरीब घरों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। खौड़ शिक्षा जोन के 11 स्कूलों में प्रधानाचार्य ही नहीं हैं। बड़ी बात तो यह है कि जेडईओ की कुर्सी भी एक साल से खाली है। यहां ज्यौड़ियां के जेडईओ मदन लाल शर्मा को अटैच किया गया है।
खौड़ शिक्षा जोन में 13 हाई स्कूल में से 11 में करीब चार साल से प्रधानाचार्य नहीं हैं। इसके चलते अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई की चिंता है। अभिभावकों ने बताया कि जिस स्कूल में हेडमास्टर ही नहीं है उसकी जिम्मेदारी किसके हाथ होगी। मात्र गर्ल्स हाई स्कूल खौड़ और नरायाणा में ही मुख्य अध्यापक हैं। बता दें कि जिन दो स्कूलों में प्रधानाचार्य हैं उनकी भी एक दो माह के अंतराल में सेवानिवृत्ति हो जाएगी। स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि स्कूलों में तैनात अन्य स्टाफ हमें मेहनत नहीं कराता, वह हमें बहुत अच्छी तरह से पढ़ाते हैं, लेकिन फिर भी जिस घर में मुखिया ही न हो, उसकी जिम्मेदारी किसके हाथ रहेगी। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में मुख्याध्यापक के पद खाली हैं। हमें बच्चों से जानकारी मिली है और अगर इन पदों को जल्द नहीं भरा गया तो हम सड़कों पर उतर आएंगे। क्योंकि हमें बच्चों का भविष्य खतरे में दिख रहा है।
वहीं शिक्षा जोन ज्यौड़ियां के अधीन छह हाई स्कूल हैं, जिनमें से एक ही स्कूल में ही प्रधानाचार्य की तैनाती है। अन्य बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं।
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सरकारी हाई स्कूलों में मुख्य अध्यापकों की कमी है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों की तरफ से तैनाती के आदेश होंगे।
-मदन लाल शर्मा, जेडईओ (अटैच अधिकारी) शिक्षा जोन खौड़