सैयद अली शाह गिलानी की हुर्रियत कांफ्रेंस के सदस्य फिरदौस अहमद शाह और 26/11 के फाइनेंसरों के बीच लिंक थे। इसका खुलासा प्रवर्तन निदेशालय की पहली चार्जशीट में किया गया है। शाह पर 2007 से 2010 के बीच घाटी में मनी लांड्रिंग के जरिये तीन करोड़ रुपये प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है।
श्रीनगर के सेशन जज (स्पेशल जज, मनी लांड्रिंग) की अदालत में पेश चार्जशीट के मुताबिक डेमोक्रेटिक पोलिटिकल मूवमेंट (डीपीएम) के चेयरमैन फिरदौस शाह ने यह राशि इटली के ब्रेसिया स्थित ‘मैडिना ट्रेडिंग’के जरिए प्राप्त की। राशि भेजने वाला पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का निवासी जावेद इकबाल है। बहराल, इटली पुलिस ने 2009 में पाकिस्तान के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया था।
आरोप है कि राशि स्थानांतरित करने वाली फर्म ने इकबाल के नाम पर 300 बार राशि ट्रांसफर की, जिसने कभी भी इटली में कदम तक नहीं रखा। इटली पुलिस ने जांच रिपोर्ट में कहा था कि इटली की कंपनी ने एक भोलेभाले व्यक्ति की पहचान पर कई बार राशि ट्रांसफर की, जिसका आई कार्ड या पासपोर्ट चोरी किया गया था। जहां तक इकबाल का संबंध है, पाकिस्तान की अन्य मनी ट्रांसफर एजेंसी से लेनदेन के दौरान उसका भी पहचान पत्र चोरी हो गया होगा।