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प्रत्याशियों को मिलेगा अधिक चुनावी खर्च का तोहफा

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रियायत में विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के लिए राशि में बढ़ोतरी की आस जगी है। चुनाव आयोग इस पर गहनता से विचार कर रहा है।
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उम्मीद है कि हर प्रत्याशी के लिए चुनावी खर्च की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर बीस लाख कर दी जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार में खर्च होने वाली राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया जा सकता है।

अन्य राज्यों के मुताबिक काफी कम

आयोग के अधिकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर चुनाव नियमों-1965 के मुताबिक एक प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार के लिए केवल 5 लाख तक राशि खर्च कर सकता है, लेकिन वर्तमान में महंगाई और अन्य राज्यों में खर्च की जाने वाली राशि के मुताबिक काफी कम है।

अधिकारी के अनुसार इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भारतीय चुनाव आयोग चुनावी खर्च की राशि में बढ़ोतरी को लेकर विचार कर रहा है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर को छोड़कर बाकी राज्यों की बात करें तो वहां एक प्रत्याशी 28 लाख तक चुनाव प्रचार खर्च कर सकता है।

जम्मू-कश्मीर चुनाव नियम-1965 में होगा संशोधन

जब आयोग के इस नए प्रस्ताव पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी तो राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर चुनाव नियमों-1965 में संशोधन किया जाएगा।

रियासत में चुनाव प्रचार राशि में बढ़ोतरी के आखिरी निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को है, लेकिन अन्य राज्यों और लोकसभा चुनावों के नियमों में बदलाव का अधिकार केंद्र सरकार का होता है।

अन्य राज्यों और लोकसभा चुनावों में चुनाव प्रचार राशि की गणना नामांकन भरने वाले दिन से ही शुरू हो जाती है। जम्मू-कश्मीर में इसकी गिनती उस दिन से शुरू हो जाती है, जिस दिन से चुनावी अधिसूचना जारी होती है।
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लोकसभा चुनावों में तीन करोड़ खर्च

गौरतलब है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान जम्मू-कश्मीर के राजनैतिक दलों के मुख्य प्रत्याशियों द्वारा तीन करोड़ के करीब राशि चुनाव प्रचार में खर्च की गई।

वर्ष 2008 में घाटी में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा 4 लाख 96 हजार रुपये खर्च किए गए, जबकि पीडीपी की महबूबा मुफ्ती ने केवल एक लाख चार हजार खर्च किए।

उम्मीद है कि चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनावों के लिए अनुसूची (चुनाव शेड्यूल) सितंबर के दूसरे हफ्ते तक जारी की जाएगी। दरअसल, 19 जनवरी, 2015 तक नई सरकार का गठन किया जाना है।
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