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जम्मू में नहीं आया भूकंप फिर भी थमीं रही सांसे

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शनिवार को नेपाल और उत्तर भारत में आए भूकंप का डर रियासत में भी दिखा। यहां रहने वाले उत्तर भारत और नेपाल के लोग अपने परिवारों को लेकर सहमे हुए दिखे। हर कोई अपने घर संपर्क करता हुआ दिखा। जिन लोगों का संपर्क हो गया, उन्होंने राहत की सांस ली, लेकिन कई अभी भी अपने रिश्तेदारों के साथ बात नहीं कर पाए हैं।
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इसकी वजह से लोग सहमे हुए हैं। वहीं भूकंप ने रियासत के लोगों को 2005 की यादें ताजा करा दीं। जब पूरी रियासत भूकंप से कांपी थी। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित नेपाल के हजारों लोग रियासत के सभी जिलों में काम करते हैं। शनिवार सब लोग अपने-अपने काम में लगे हुए थे कि भूकंप की खबर ने सबको सकते में डाल दिया।

हर कोई काम छोड़ कर अपने घर में संपर्क करने के जुगाड़ में जुट गया, लेकिन लोग तब और भी सहम गए, जब संपर्क नहीं हो पाया। दरअसल, भूकंप के बाद मोबाइल नेटवर्क कुछ देर के लिए बंद हो गया। बिहार के दरभंगा में रहने वाले राम नारायण जो आरएस पुरा में मार्बल लगाने का काम करते हैं, ने बताया कि उनका पूरा परिवार बिहार में है।
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वह यहां काम करने के लिए आए हुए हैं। घर में बात नहीं हो पा रही। कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा। एक मीट शाप पर काम करने वाले नेपाल के संदीप थापा ने बताया कि उसका परिवार भी नेपाल के काठमांडू में है। वह अपने घर संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा।
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नहीं भूलती आठ अक्तूबर की सुबह

नेपाल में शनिवार को आए भूकंप ने रियासत में भूकंप के जख्मों को ताजा कर दिया। लोगों को आठ अक्तूबर की सुबह याद आ गई, जब भूकंप ने तबाही मचाई थी। 2005 को आठ अक्तूबर की सुबह रियासत में जोरदार भूकंप आया।

इसकी चपेट में सबसे अधिक कश्मीर का उड़ी इलाका आया। यहां कई लोगों की जान चली गई। नेपाल में आए भूकंप और रियासत में आए भूकंप में कोई खास अंतर नहीं था। राज्य में 7.6 रिक्टर स्केल की तीव्रता से भूकंप आया था और नेपाल में 7.9 रिक्टर स्केल।

काठमांडू में 2000 कश्मीरी फंसे
नेपाल के काठमांडू में दो हजार कश्मीरी लोग भी फंसे हुए हैं। कई लोग अपने रिश्तेदारों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नहीं हो पा रही।

कश्मीर के रहने वाले आफताब शाह ने बताया कि उसका छोटा भाई जावेद अहमद शाह काठमांडू में काम करता है, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा।

उसके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कोई संपर्क नहीं हुआ। हैंडीक्राफ्ट के डीलर सलीम भट्ट का कहना है कि बहुत से कारोबारी काठमांडू में काम करते हैं।
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