जम्मू में नवरात्र संपन्न होने के साथ ही 24 अक्टूबर को विजयदशमी मनाने की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। सोमवार रात तक अलग-अलग संस्था, सभा व सोसायटियों के पदाधिकारी कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। पुलिस की ओर से भी प्रबंधों की समीक्षा की गई। शहर में तीन जगहों पर मुख्य कार्यक्रम होंगे।
सबसे बड़ा आयोजन परेड में होगा, जहां सबसे ऊंचा 65 फुट का रावण का पुतला होगा। कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले 60-60 फुट के होंगे। गांधी नगर में 48 फुट का रावण और शेष 42 फुट के पुतले होंगे। सैनिक कॉलोनी में 40 फुट का रावण व 35 फुट के दोनों पुतले होंगे। अन्य चार जगहों पलौड़ा, जानीपुर, त्रिकुटा नगर और छन्नी हिम्मत में पुतलों की ऊंचाई 25 से 30 फुट के आसपास रहेगी।
जम्मू-कश्मीर समेत लद्दाख में 18 जगहों पर 54 पुतलों का दहन होगा। गीता भवन से निर्धारित स्थानों पर पुतले भेज दिए गए हैं। सनातन धर्म सभा गीता भवन की ओर से दो झांकियों (राम रथ, वानर सेना) की शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शाम करीब 4 बजे दीवान मंदिर रानी पार्क से शुरू होगी, जो मोती बाजार, राज तिलक रोड, पुरानी मंडी, सिटी चौक से रघुनाथ मंदिर तक जाएगी, फिर शालामार रोड से परेड ग्राउंड में 5ः30 बजे पहुंचेगी और शाम करीब 5:45 बजे पुतला दहन होगा। इससे पहले मैदान में पुतलों को तैयार करने का काम जारी रहा। ओडिसा से आई 6 लोगों की टीम देर रात तक कार्यक्रम स्थल में जुटी रही।
जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के प्रबंध पूरे करने के साथ दमकल और एंबुलेंस का इंतजाम किया गया। भीड़ काे नियंत्रित करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए। नगर निगम की ओर से पानी, शौचालय और सफाई को लेकर प्रबंध किए गए। आला अधिकारियों के अनुसार हर कार्यक्रम स्थल पर सफाई करवा दी है। परेड में मेहमानों और आम जनता की सुविधा के लिए बंदोबस्त पूरे हो चुके हैं।
लोगों की सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। आयोजन स्थलों पर दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद रहेगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
- हरविंदर सिंह, एडीसी लॉ और ऑर्डर।
पुतलों को लगवाने के लिए क्रेन से लेकर फेसिंग व सफाई का काम करवा चुके हैं। इसके अलावा पानी और शौचालय की व्यवस्था की जा चुकी है।
-राहुल यादव, कमिश्नर नगर निगम।
इस बार परेड में पुतला दहन होगा। प्रशासन की ओर से सभी प्रकार की तैयारियां की जा चुकी हैं। अगले साल फुटबॉल मैदान में कार्यक्रम करवाने की मंजूरी दी जाए ताकि ज्यादा लोग आनंद उठा सकें।
-सतपाल सिंह, सचिव, सनातन धर्म सभा गीता भवन।