साक्षर भारत मिशन के तहत चार वर्ष के लंबे इंतजार के बाद जम्मू संभाग में पंचायतों में प्रेरक नियुक्त करने का काम शुरू हुआ है। प्रेरक अनपढ़ ग्रामीणों की पहचान कर उन्हें पढ़ाएंगे। नियुक्त का काम पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रहा है।
अनपढ़ ग्रामीणों को अक्षर ज्ञान देने के लिए केंद्र सरकार ने साक्षर भारत मिशन को 2009 में शुरू किया था। 2010 में यह योजना जम्मू पहुंची। योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में शिक्षा केंद्र खोले जाने थे, लेकिन समय पर काम शुरू नहीं हो पाया।
शिक्षा विभाग ने योजना पर काम की जिम्मेदारी डाइट को सौंप दी। डाइट ने इसको जल्द शुरू करने के प्रयास किए, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 2014 में कर्मचारी लोकसभा व विधानसभा चुनाव में व्यस्त हो गए और साक्षर भारत मिशन पर काम अधर में ही लटक गया।
अब चुनाव के बाद डाइट ने फिर काम तेज कर दिया है। सभी जिलों में प्रेरक नियुक्त किए जा रहे हैं। प्रत्येक पंचायत में दो प्रेरक नियुक्त करने का प्रावधान है। कई स्थानों पर प्रेरक नियुक्त कर दिए गए हैं।
प्रेरकों को सबसे पहले पंचायतों में सर्वे करके अनपढ़ ग्रामीणों की सूची तैयार करनी है। इसके बाद ग्रामीणों को शिक्षा देने का काम शुरू किया जाएगा। डाइट एचओडी वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रेरक नियुक्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इनको दिशा-निर्देश भी दे दिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ग्रामीणों को शिक्षा भी मिलेगी।