जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष डॉ. द्रखशां अंद्राबी बनी हैं। वहीं, बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. द्रखशां अंद्राबी ने अन्य सदस्यों के साथ राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की।
जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पहली बार किसी महिला को दी गई है। वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने डॉ. द्रखशां अंद्राबी को अध्यक्ष नियुक्त किया है। सदस्यों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में वक्फ में बड़े सुधार होंगे। वहीं, जम्मू-कश्मीर वक्फ निकाय की बैठक हज हाउस में आयोजित की गई।
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इसमें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रशासक द्वारा नियुक्त सभी सदस्यों ने भाग लिया। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड के नवनियुक्त सदस्यों में डॉ. द्रखशां अंद्राबी, डॉ. गुलाम नबी हलीम, सुहैल काजमी, सैयद मोहम्मद हुसैन और नवाब दीन (जेकेएएस) ने भाग लिया। सदस्यों ने सर्वसम्मति से डॉ. द्रखशां अंद्राबी को बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नामित किया, जिसे 1995 के केंद्रीय वक्फ अधिनियम के तहत पांच साल के कार्यकाल के लिए गठित किया गया है। डॉ. द्रखशां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उपराज्यपाल का आभार जताया है।
वक्फ बोर्ड के सदस्य उपराज्यपाल से मिले
जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. द्रखशां अंद्राबी ने अन्य सदस्यों के साथ राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। उपराज्यपाल ने बोर्ड के सदस्यों को पांच साल के नए कार्यभार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर अभूतपूर्व सुधारों और एक नई दृष्टि के तहत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। वक्फ बोर्ड सामाजिक आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम योगदान देगा। बोर्ड सदस्यों में डॉ. गुलाम नबी हलीम, सैयद मोहम्मद हुसैन, सोहेल काजमी, नवाब दीन मौजूद रहे।