अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई को रियासत और देश के विभिन्न हिस्सों में बेवजह तूल दिए जाने पर सवाल उठाते हुए रियासत में सीपीआई (एम) के विधायक एमवाई तारिगामी ने गंभीर आपराधिक मामले न होने वाले सियासी कैदियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिहा करने की जरूरत दर्शाई है।
तारिगामी ने वीरवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्र की एकता और सुरक्षा इतनी कमजोर नहीं हो सकती कि किसी एक शख्स की रिहाई से उसके लिए खतरा पैदा हो जाए।
उन्होंने कहा कि रियासत में लोगों के प्रमुख मुद्दे रोजगार, बिजली, पानी, सड़क, भ्रष्टाचार, स्वाइन फ्लू से रोकथाम है और इन पर काम करने के बजाय मसर्रत आलम की रिहाई पर ही सियासत होते रहना ठीक नहीं है।