जम्मू। भीषण गर्मी के चलते हिंसक हो रहे कुत्ते और बंदर लोगों को काटने लगे हैं। इससे डाग और मंकी बाइट के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है। सर्पदंश के मामले भी बढ़ने लगे हैं। जीएमसी की रैबिज सेक्शन में डाग और मंकी बाइट के मामले पहुंच रहे हैं। हालांकि यात्री वाहनों के बंद रहने से जिला स्तर से ये मामले कम पहुंच रहे हैं।
रैबिज सेक्शन में सामान्य में 100-130 के बीच नए और पुराने मामले पहुंचते रहे हैं। मंगलवार को सेक्शन में करीब 70 मरीज पहुंचे। इनमें दो दर्जन तक नए मामले शामिल थे। नगर निगम के 75 वार्डों में ही पचास हजार से अधिक आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। तपिश और गर्मी बढ़ने के कारण ये कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। लाकडाउन में सख्ती के दौरान इन कुत्तों को पर्याप्त खाना भी नहीं मिल पाया, जिससे इनकी प्रवृति में बदलाव आया है। इसी तरह बड़ी संख्या में बंदर भी शहर की तरफ रुख कर रहे हैं। जंगलों के लगातार कटने और खाने की सामग्री न मिलने से ऐसा हो रहा है। पुराने शहर के मुबारक मंडी, मांडा, जुल्लाका मोहल्ला, जैन बाजार, चौक चबूतरा, पुरानी मंडी आदि क्षेत्रों में बंदरों ने लोगों को परेशान कर रखा है। गर्मी और खाने की कमी के कारण ये लोगों के घरों के भीतर घुस रहे हैं, जिससे मंकी बाइट के मामले बढ़े हैं। इनमें अधिकांश बच्चे शिकार हो रहे हैं। राहत यह है कि जीएमसी की रैबिज सेक्शन में पहुंचने वाले मरीजों को अस्पताल प्रशासन की ओर से सिरम और वैक्सीन मुहैया करवाई जा रही है, जिसकी पिछले लंबे समय से कमी रही थी। डाग बाइट में पीड़ित में 0-3-7-28 दिन में चार डोज वैक्सीन दी जाती है।