अस्पताल में सर्जरी के बाद महिलाओं को ज़मीन पर लेटाया गया
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रियासी के जिला अस्पताल की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। मंगलवार को बदहाली का एक और नमूना तब सामने आया जब वहां नसबंदी के लिए पहुंचीं 13 महिलाओं को नसबंदी आपरेशन के बाद आपरेशन थियेटर के बाहर ही बरामदे में जमीन पर लिटा दिया गया। परिवार वालों ने जब इस पर विरोध जताया तो बताया गया कि अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है। अस्पताल की अव्यवस्था पर परिवार वालों में जबरदस्त नारजगी रही।
बताया जाता है कि मंगलवार को अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित ओटी (आपरेशन थियेटर) में 13 महिलाएं नसबंदी के लिए पहुंची थीं। अस्पताल प्रशासन ने आपरेशन के बाद मरीजों के परिजनों को बताया कि अस्पताल में बेड खाली नहीं है। अत: महिलाओं के साथ आए परिवार के सदस्यों ने उन्हें आपरेशन थियेटर के बाहर लिटा दिया। अस्पताल प्रशासन ने इन सभी को एक-एक कंबल उपलब्ध करा दिया था। महिलाएं लगभग दो घंटे तक जमीन पर लेटी रहीं। परिवार वालों में इस बात को लेकर जबरदस्त नाराजगी रही। आरोप था कि अगर बेड की सुविधा नहीं थी तो अस्पताल वालों को पहले ही बता देना चाहिए था।
रियासी जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल पचास बेड हैं। मंगलवार को यहां 70 से ज्यादा मरीज थे। कुछ बेड पर एक साथ दो मरीजों को भी लिटाया गया था। नसबंदी कराने आईं महिलाओें को आपरेशन के बाद बेड नहीं मिल पाए, इसका अफसोस है। अस्पताल में बेड बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि स्याड़ बाबा में हुए भूस्खलन के बाद अस्पताल में आए घायलों को भी बेड की सुविधा नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें भी बरामदे में फर्श पर लिटाकर उपचार दिया गया था। मृतकों का पोस्टमार्टम भी खुले में किया गया था।