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डेढ़ साल बाद एफएसएल में फिर शुरू होगी डीएनए की जांच

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जम्मू। प्रदेश फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के डीएनए सेक्शन में आखिरकार डेढ़ साल बाद एक बार फिर से डीएनए सैंपल की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। डेढ़ साल से इन सैंपलों की टेस्टिंग बंद थी।
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दरअसल, टेस्टिंग के लिए एक विशेष तरह का केमिकल इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सप्लाई सिंगापुर से होती है, लेकिन बजट की अड़चनों और दूर से आने की वजह से इसकी सप्लाई रुकी हुई थी। इसकी वजह से डीएनए के 100 से अधिक सैंपल टेस्टिंग के इंतजार में थे। अब केमिकल पहुंचने पर इनकी टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। अज्ञात शवों की पहचान, अस्पतालों से चोरी होने वाले बच्चों की पहचान, फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने वाले युवकों या फिर किसी भी अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने के लिए डीएनए जांच होती है। तीन साल पहले प्रदेश एफएसएल में डीएनए सेक्शन शुरू किया गया। इसके पहले चंडीगढ़ की एफएसएल में सैंपल भेजे जाते थे। सेक्शन शुरू होने के बावजूद यहां टेस्टिंग नहीं हो पा रही थी। डेढ़ साल पहले जब डीएनए की टेस्टिंग बंद हुई तब 80 डीएनए की जांच लंबित थी। इसके बाद यह संख्या बढ़ती चली गई।
मामलों को निपटाने का काम शुरू
बजट की दिक्कत थी इसलिए यह केमिकल डेढ़ साल तक नहीं आ सका। दूसरा यह केमिकल सिंगापुर से आता है। यह भी एक कारण रहा। अब केमिकल आ गया है। चार दिन पहले ही लंबित पड़े मामलों की जांच शुरू कर दी है। जब टेस्टिंग बंद हुई, तब 80 मामले लंबित थे।
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-शाहुल अहमद, उप निदेशक डीएनए सेक्शन, एफएसएल
कई एक्सपर्ट के पद खाली
एफएसएल की जम्मू इकाई एक तरह से बंद पड़ी हुई है। एक हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को छोड़कर बाकी सभी एक्सपर्ट के पद खाली पड़े हुए हैं। इसकी वजह से नारकोटिक्स और विस्फोटक जैसे महत्वपूर्ण नमूनों की जांच नहीं हो रही है। खून के धब्बों की जांच और हथियारों की जांच करने वाले एक्सपर्ट भी एफएसएल के पास जम्मू संभाग में मौजूद नहीं हैं।
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