डायरिया दिवस के उपलक्ष्य पर सोमवार को जिला अस्पताल के एएनएमटी स्कूल में पंद्रह दिवसीय जागरूकता अभियान का शुभांरभ किया गया। इस अवसर पर विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया मुख्य मेहमान थे।
जागरूकता अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि डायरिया की रोकथाम के लिए इस अभियान को विशेष तौर पर शुरू किया जा रहा है।
इसके तहत आशा वर्कर्स शहर और ग्रामीण इलाकों में घर-घर पहुंच कर लोगों को डायरिया से संबंधित जानकारी देकर जागरूक करेंगी। इसके अलावा ग्रामीणों को ओआरएस व जिंक की गोलियां देंगी, जिससे बच्चे सेहतमंद और सुरक्षित रहें।
इसके अलावा अगर किसी में भी डायरिया के लक्ष्ण पाए जाते हैं तो फौरन उसको अस्पताल पहुंचाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले इसके लिए विशेष तौर पर आशा वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आठ अगस्त तक चलेगा कार्यक्रम
डायरिया से मरने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने सतर्कता बरतते हुए इंटेंसिफाइड डायरिया कंट्रोल प्रोग्राम का आगाज जिला अस्पताल में कर दिया गया।
सोमवार को अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम में जिला उपायुक्त इमाम दीन ने इसका विधिवत उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेगा।
इस अवसर पर सीएमओ याकूब मीर, जिला इम्यूनाइजेशन अफसर डॉ. तारिक मसूद, फील्ड स्टाफ, आशा वर्कर, एनएमएस, स्वास्थ्य कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
बच्चों को ओआरएस की खुराक भी पिलाई गई
इस मौके पर कई बच्चों को ओआरएस की खुराक भी पिलाई गई। डीसी इमाम दीन ने कहा कि फील्ड वर्कर, आशा वर्कर, डाक्टर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को इस प्रोग्राम को हर गांव और हर घर तक पहुंचाना होगा।
तभी डायरिया की भयावह स्थिति से बचा जा सकता है। सीएमओ याकूब मीर ने इस पूरी स्कीम की जानकारी सभी को दी। उन्होंने बच्चों के अभिभावक को साफाई के प्रति आगाह किया।
इस प्रोग्राम के तहत हम गांवों में जाकर जागरूकता शिविर लगाकर लोगों को बताएंगे कि डायरिया से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि हर घर में इन दिनों ओआरएस के पैकेट रखने चाहिए।