स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह ने शनिवार को भी अपने दौरे जारी रखे। इस दौरान उन्होंने शहर के अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसरों से निजी एजेंसियों के होर्डिंग और पोस्टरों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए।
सरवाल और गांधीनगर अस्पताल से दो डायलेसिस मशीनों को मरीजों की सहूलियत के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने अस्पतालों में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
सरवाल अस्पताल में दौरे के वक्त स्वास्थ्य मंत्री ने सफाई कर्मियों के वेतन को 3100 रुपये से बढ़ाकर सरकार की ओर से मंजूर 3700 रुपये करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल को नई शक्ल देने के लिए दस लाख रुपये देने की घोषणा की।
इसमें शौचालय ब्लाक और वाइट वॉश पर भी काम किया जाएगा। अस्पताल की लिफ्ट सिस्टम के लिए 75000 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने सरवाल और गांधीनगर अस्पताल के अधीक्षकों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में मरीजों की सहूलियत के लिए सभी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं।
गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक दवाइयों की निजी खरीद में संकोच न किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन के अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्रग और फूड सामग्री की जांच के लिए आधुनिक तरीके अपनाने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा।
उन्होंने कंट्रोलर ड्रग को बाजारों में औचक छापे की प्रक्रिया को सुनिश्चित बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने एसएमजीएस अस्पताल के कामकाज का भी जायजा लिया। इस दौरान आईएसएम के निदेशक जनरल डा. कबीर डार, एनएचएम के निदेशक डा. यशपाल शर्मा, स्वास्थ्य निदेशक डा. बलजीत सिंह पठानिया आदि मौजूद रहे।