पुलिस कर्मियों पर किए जा रहे हमले आतंकियों की हताशा का परिणाम है। कोई भी हथियार उठाने वाला पुलिस की नजर में आतंकी है और इनसे निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर काम कर रही हैं। यह बात श्रीनगर में पत्रकारों से पुलिस महानिदेशक डा. एसपी वैद ने कही।
डीजीपी ने कहा कि आतंकियों द्वारा जो पिछले कुछ हफ्तों से सीधे तौर पर पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है, यह केवल उनकी हताशा है। जिस तरह से पिछले कुछ दिनोें में जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकियों से निपटा है, उससे बौखलाकर आतंकी यह रणनीति अपना रहे हैं।
आतंकी जाकिर मूसा को अलकायदा के कश्मीर सेल का चीफ बनाने को लेकर आतंकी संगठन की ओर से जारी बयान पर डीजीपी ने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। मूसा किसी भी संगठन में जाए, वह आतंकी ही है। जिस किसी ने भी बंदूक उठाई है, वह हमारे लिए आतंकी ही है।
'समय ही बताएगा कब होगी पूछताछ'
डीजीपी डॉ एसपी वैद
- फोटो : File Photo
आतंकी सलाहुद्दीन द्वारा जारी एक वीडियो संदेश जिसमें उसने कहा है कि जम्मू कश्मीर में चल रही मूवमेंट का कोई एजेंडा नहीं है, किसी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन अलकायदा या आईएस के लिए यहां कोई मौका नहीं है। आतंकी संगठनों में विभाजन पर डीजीपी वैद ने कहा कि उन्हें खुद इसके बारे में सोचने दो, कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं।
एनआईए की ओर से अलगाववादियों की गिरफ्तारी में जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा विरोध की बात सामने आने पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए वैद ने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर काम कर रही हैं। किसी में कोई मतभेद नहीं हैै। उन्होंने कहा कि जब छापेमारी हुई थी तो जम्मू कश्मीर पुलिस उनके साथ थी। वैद ने कहा कि यह समय ही बताएगा कि एनआईए सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और यासीन मलिक से कब पूछताछ करेगी।