डीजीपी दिलबाग सिंह ने पुलिस मुख्यालय जम्मू में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कहा कि आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा। आतंकी नेटवर्क को ऑक्सीजन प्रदान करने वालों पर कार्रवाई करनी होगी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में सक्रिय आतंकियों की संख्या कम हो चुकी है। अब आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ने के लिए रणनीतिक रूप से नियोजित अंतिम हमले की आवश्यकता है। इसके लिए आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा। आतंकी नेटवर्क को ऑक्सीजन प्रदान करने वालों पर कार्रवाई करनी होगी।
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ऐसे में आतंकी मामलों के जांचकर्ताओं को खुद को सर्वश्रेष्ठ जांच कौशल से लैस करना होगा और अदालत में यूएपीए, नार्को और अन्य संवेदनशील मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक उपाय करना होगा। डीजीपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय जम्मू में एक उच्चस्तरीय बैठक की।
उन्होंने कहा कि हमें जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता को मजबूत करने के लिए और प्रयास करने होंगे। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कश्मीर में बंद के कॉल की संस्कृति लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए क्षेत्र में वर्चस्व को बढ़ाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को उनकी संवेदनशीलता के आधार पर लंबित मामलों की जांच और इनका निस्तारण करने को कहा।
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नशा तस्करी के खिलाफ सख्ती और तेजी से अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कहा कि यह न केवल हमारी युवा पीढ़ी को प्रभावित करता है बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी से बड़ी मात्रा में आतंकी फंड जुटाया जा रहा है। सिंह ने हाल ही में संपन्न अमरनाथ यात्रा और स्वतंत्रता दिवस के सफल आयोजन पर पुलिस को प्रोत्साहित भी किया। इससे पहले अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया में सुधार के संबंध में अपने सुझाव दिए।