कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस समिति मंगलवार को जम्मू में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी करेगी। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल के साथ एआईसीसी की जम्मू-कश्मीर व लद्दाख मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल मंगलवार को जम्मू पहुंच रही हैं।
दोनों नेताओं का जम्मू एयरपोर्ट से पार्टी मुख्यालय तक रैली की शक्ल में जोरदार स्वागत करके पार्टी के डैमेज कंट्रोल पर ध्यान दिया जाएगा। हालांकि इस कार्यक्रम में आजाद समर्थक पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेता गायब होंगे।
आजाद के समर्थन में अब तक 11 पूर्व विधायकों सहित डीडीसी सदस्य व अन्य सैकड़ों पदाधिकारी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे दे चुके हैं, जिससे प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।
हालांकि रसूल के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी की गतिविधियों में आजाद समर्थक नेताओं ने वापसी की थी। हाल ही में लंबे समय पर पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद ने पार्टी मुख्यालय में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी, लेकिन आजाद के इस्तीफे के बाद ये सभी नेता फिर से पार्टी से दूर चले गए हैं।
इससे जीए मीर धड़े के साथ चलने वाले नेता ही रह गए हैं। प्रदेश कांग्रेस का मंगलवार को स्वागत रैली को डैमेज कंट्रोल के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसमें रसूल और पाटिल के साथ कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला का स्वागत करके नया संदेश देने की कोशिश की जाएगी। कार्यकारी अध्यक्ष भल्ला ने कहा कि पार्टी अपनी विचारधारा पर आगे बढ़ती रही है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से नए प्रदेशाध्यक्ष और पार्टी प्रभारी का स्वागत किया जाएगा। पाटिल का मंगलवार को ही वापस लौटना प्रस्तावित है, जबकि रसूल पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।