नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि ग्रामीण विकास बैंक) की ओर से आयोजित एक दिवसीय ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि (आरआईडीएफ) की कार्यशाला में अपने संबोधन में वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने समावेशी विकास को बरकरार रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हित धारकों की भूमिका को बढ़ाया जाना चाहिए।
ऐसा रियासत के सतत विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रियासत का विकास खैरात पर निर्भर नहीं होना चाहिए। डॉ. द्राबू ने कहा कि नाबार्ड की योजनाओं में हित धारकों की भूमिका बढ़ने से योजनाएं कम समय में प्रभावशाली ढंग से लागू हो सकेंगी।
वित्त वर्ष 2013-14 में नाबार्ड फंड का पूरी तरह उपयोग न होने पर चिंता जताते हुए कहा कि विकास फंड का उचित उपयोग न होने की जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने इन प्रवृत्तियों को दूर करने और फंड का उचित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि रियासत, खासकर ग्रामीण इलाकों का समुचित विकास हो सके।
कार्यशाला में कृषि उत्पादन मंत्री गुलाम नबी लोन, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एसए पांडे के अलावा वित्त, आरएंडबी, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, कृषि के आयुक्त सचिव उपस्थित थे।