सरकारी आवास में रहने के बावजूद मकान किराया भत्ता (एचआरए) लेने वाले कर्मचारियों से रिकवरी की जाएगी। वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों से जांच करने को कहा है। इसके अलावा होटल आवास में कैटरिंग सुविधा लेने वाले कर्मियों से मासिक वेतन बिलों में खानपान के शुल्क में कटौती की जाएगी। सरकार के इस आदेश से कई कर्मचारी इसके घेरे में आ सकते हैं।
सरकार ने कहा है कि सरकारी आवासों में रहने वाले कर्मचारियों को अगर एचआरए का भुगतान किया गया है तो यह नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों की पहचान करके संबंधित कर्मचारियों के वेतन से किराए की रिकवरी की जाएगी। ऐसे कर्मचारी जो एस्टेट के अलावा आरएंडबी, पर्यटन, वन विभाग समेत अन्य विभागों के आवासों में रह रहे हैं। उन्हें निर्धारित किराए का भुगतान करना है।
यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर : डीजीपी दिलबाग सिंह की केंद्र में हो सकती है तैनाती, इनपैनलमेंट सूची में शामिल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अगर सरकारी आवास में रह रहा है तो उसे एचआरए नहीं दिया जा सकता है। प्रशासनिक सचिव ने आहरण व वितरण (ड्राइंग व डिसबर्सिंग)अधिकारियों से रिकवरी की व्यवस्था को सुनिश्चित करने को कहा है।