जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन के तहत केंद्र सरकार की तरफ से सिविल सर्विसेज के जम्मू कश्मीर कैडर को खत्म कर एजीएमयूटी कैडर के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को लाए जाने के बावजूद आईएएस अफसरों की कमी बरकरार है।
प्रदेश में 137 आईएएस अफसरों की क्षमता है, जबकि सामान्य प्रशासनिक विभाग के रिकॉर्ड के तहत प्रदेश में 58 आईएएस अफसर हैं। इनमें से सीनियर आईएएस अफसर जिसमें प्रदीप कुमार त्रिपाठी एक जून 2020 से केंद्रीय डेपुटेशन पर हैं।
वरीयता में दूसरे नंबर के आईएएस अधिकारी सुधांशु पांडे, तीसरे नंबर के आईएएस संदीप कुमार नाइक के अलावा सातवें नंबर पर आईएएस अधिकारी राज कुमार गोयल, आठवें नंबर पर आईएएस अधिकारी शांतमनु, अशोक कुमार परमार केंद्रीय डेपुटेशन पर सालों से हैं। वर्तमान में 50 आईएएस अफसर हैं।
वहीं वरिष्ठ आईएएस अफसर उमंग नरुला केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल के सलाहकार हैं। आईएएस अधिकारी पवन कोतवाल भी लद्दाख में हैं। वहीं कुछ आईएएस अधिकारी इंटर स्टेट डेपुटेशन पर प्रदेश में काम कर रहे हैं। इनमें मंडलायुक्त डा राघव लंगर, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नितेश्वर कुमार, सूचना निदेशक राहुल पांडे, आईआरएस अधिकारी रंजन प्रकाश ठाकुर शामिल हैं।