जम्मू शहर के कई संवेदनशील इलाकों में मच्छर पनप रहे हैं। यहां खराब टायर, कबाड़ वाहन में जमा पानी में लारवा तेजी से फैल रहा है। यह इलाके रियाहशी क्षेत्रों के आसपास बसे हैं। इससे आबादी वाले इलाकों में भी डेंगू के तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर, एसआरटीसी यार्ड, वेयर हाउस, नरवाल आदि इलाकों में ऐसे हालात डेंगू को बढ़ावा दे रहे हैं।
नरवाल ट्रांसपोर्ट नगर के यार्ड 6 में जांच पड़ताल में पाया गया कि जगह जगह नालियों की निकासी बंद पड़ी है। चूंकि यह यार्ड है, तो यहां जगह-जगह खराब टायरों के ढेर लाजमी है। इनमें नए टायरों की दुकानों को छोड़कर अन्य जगहों पर बाहर खुले में टायर रखे गए हैं, जो डेंगू के लारवा को पनपने का काम कर रहे हैं। इसी तरह कई जगहों पर कबाड़ वाहन पड़े हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा है। लेकिन उनको खाली करने में किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई है।
स्थानीय दुकानदारों में इस बात को लेकर रोष है कि जेडीए, नगर निगम और अन्य किसी विभाग ने डेंगू से बचाव को लेकर कोई काम नहीं किया है। यार्ड में डेंगू से कई लोग पीड़ित हो चुके हैं। इसी तरह जम्मू कश्मीर की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाउस में भी यही हालत है। बंद पड़ी नालियों में कई जगह खड़े पानी में मच्छर पनप रहे हैं। कई खोखों और दुकानों के ऊपर भी खुले ड्रम और टायर पड़े हैं। इनमें बारिश का पानी जमा है। इससे डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है।
डेंगू से बचाव के लिए नहीं उठाया कोई कदम
नरवाल यार्ड छह के दुकानदार नीतिश चोपड़ा ने बताया कि यार्ड में डेंगू से बचाव को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। अभी तक यहां फॉगिंग भी नहीं की गई है। दुकान के साथ सात फीट तक कभी नाला बहता था, जो आज पूरी तरह से बंद हो चुका है। उसमें पानी खड़ा है। यही हाल यार्ड एक से सात तक का है।
यार्ड में पड़े कबाड़ वाहनों में पनप रहे मच्छर
ट्रांसपोर्ट नगर वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपप्रधान कुलदीप बलगोत्रा कहते हैं कि कई दुकानों के बाहर खराब टायर पड़े हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा है। इसी तरह यार्ड में कई जगह कबाड़ वाहन हैं, जहां मच्छर पनप रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने भी इसको लेकर सतर्कता नहीं दिखाई है न ही विभाग की ओर से कोई कदम उठाया गया है। सुबह से रात तक दुकानों के भीतर मच्छर होते हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर में 18 वर्षों में कभी फॉगिंग नहीं देेखी
यार्ड 6 के दुकानदार दीपक कुमार कहते हैं कि वह 18 वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर में रहे हैं, लेकिन आज तक कहीं भी फॉगिंग नहीं देखी है। नालियों में निकासी पूरी तरह से बंद है। गंदगी सड़कों से उठाई नहीं जाती है। ट्रांसपोर्ट नगर में रोजाना एक लाख के करीब लोगों की आमद होती है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं कोई नहीं है। इससे स्थानीय दुकानदारों के साथ यहां आने वाले लोगों के लिए भी डेंगू का खतरा बना रहता है।
निगम, जेडीए ने जागरूकता के लिए नहीं चलाया अभियान
विजय कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर के अधिकांश यार्ड में जगह-जगह टायर खुले में पड़े हैं। इसमें बारिश का पानी जमा है। इसी तरह अन्य स्रोतों से डेंगू मच्छर को पनपने में मदद मिल रही है। दुकानदारों में जागरूकता को लेकर भी नगर निगम और जेडीए की तरफ से कोई अभियान नहीं चलाया गया है।
वेयर हाउस में मिल रहे मामले, फॉगिंग फिर भी नहीं
वेयर हाउस नेहरू मार्केट में दो श्रमिक डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता कहते हैं कि वेयर हाउस में डेंगू के मामले मिल रहे हैं। कहने के बावजूद नगर निगम की ओर से वेयर हाउस में कोई फॉगिंग नहीं कराई गई है। इससे अन्य दुकानदारों को भी डेंगू से पीड़ित होने का खतरा बना हुआ है।
लारवा को खत्म करना प्राथमिकता
प्राथमिकता में वे इलाके हैं, जहां डेंगू के मामले मिल रहे हैं। वहां लारवा को खत्म करने के लिए काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जरूरत के मुताबिक फॉगिंग अभियान भी जारी है। पहले खड़े पानी में लारवा को खत्म करना जरूरी है।
-डॉ. विनोद, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।