फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेलगाम मेटाडोर: जम्मू में मेटाडोर की सीढ़ियों पर सवारियां, ओवरलोडिंग कहीं पड़ न जाए भारी

Fri, 16 Sep 2022 05:12 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

स्कूली छात्र और अन्य सवारियां मेटाडोर के दरवाजों और सीढ़ियों पर लटकर सफर कर रहे हैं। मोटी कमाई के चक्कर में यात्री वाहन चालक लोगों की जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।
विज्ञापन
Jammu - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक तरफ जम्मू-कश्मीर में आए दिन सड़क हादसे कई जिंदगियां लील रहे है, वहीं जम्मू शहर की सड़कों पर ओवरलोड मेटाडोर नियमों को दरकिनार कर दौड़ाई जा रही हैं। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के नाक तले 22 सीटर मिनी बसों में चालक व परिचालक 30 से 35 सवारियां ठूंस-ठूंसकर भर रहे हैं।

विज्ञापन


सवतारी चौक से रायपुर सतवारी मार्ग, छन्नी से पंजतर्थी, परेड से राजपुरा, रिहाड़ी से तालाब तिल्लों रूट पर चलने वालीं मेटाडोर में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है। सतवारी-रायपुर रूट को छोड़ दें तो अन्य रूटों पर हर तीन किलोमीटर के बाद ट्रैफिक पुलिस के नाके दिन भर लगे रहते हैं। बावजूद इसके कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही। सतवारी चौक से रायपुर-सतवारी रूट पर जाने वाली मेटाडोर में ओवरलोडिंग बड़ी समस्या है। 

आलम यह है कि स्कूली छात्र और अन्य सवारियां मेटाडोर के दरवाजों और सीढ़ियों पर लटकर सफर कर रहे हैं। मोटी कमाई के चक्कर में यात्री वाहन चालक लोगों की जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। ओवरलोडिंग पर न तो ट्रैफिक पुलिस और न ही परिवहन विभाग कोई सख्ती कर रहा है। हेल्मेट नहीं पहनने पर बाइक चालक का चालान कट जाता है, लेकिन ओवरलोड मेटाडोर के चालान काटने की हिम्मत ट्रैफिक पुलिस नहीं दिखा पा रही है। 
विज्ञापन


यातायात नियमों को ठेंगा दिखा रहे मेटाडोर चालक

शहर के लिए मेटाडोर जरूरी है, लेकिन ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने में मेटाडोर चालक सबसे आगे हैं। ओवरलोडिंग, सर्विस रोड पर वाहन खड़े करना, बीच सड़क में ब्रेक मारकर सवारियां बिठाना, बस स्टॉप के बजाय चौक-चौराहों पर वाहन खड़े करना मेटाडोर चालकों के लिए आम बात है। शहर में तीन विभागों की निगरानी होने के बावजूद मेटाडोर चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे। शहर में 22 और 16 सीटर मेटाडोर चलती हैं। इनमें क्रम:श 22 और 16 यात्रियों के बिठाने की अनुमित है, लेकिन मेटाडोर चालक 30 से 35 सवारियां बिठा रहे हैं। 

प्रतिदिन मेटाडोर में सफर करता हूं। ओवरलोडिंग आम है, 22 सीटर मेटाडोर में 30 से 35 लोग सफर करते हैं। शहर में जगह-जगह ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है, लेकिन कोई ओवरलोड मेटाडोर पर कार्रवाई नहीं करता। -अमन शर्मा, शहरवासी। 

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था काफी खराब है। नियमों का पालन करने के बजाय लोग इन्हें दरकिनार कर रहे हैं। ऊंची आवाज में म्यूजिक बजाना, तेज रफ्तार गाड़ी चलाना चालकों के लिए आम हो गया है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर सख्ती करनी चाहिए। -आयुष शर्मा। 

रिहाड़ी से प्रतिदिन यूनिवर्सिटी तक मेटाडोर में आता-जाता हूं। सुबह के समय मेटाडोर में पैर रखने की जगह नहीं होती। सीटों पर सवारियां पूरी होती हैं, लेकिन फिर भी यात्रियों को बिठाया जाता है। -आसिफ, छात्र।

मेटाडोर में ओवरलोडिंग समस्या है। जम्मू स्मार्ट सिटी तो बन रहा है, लेकिन स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत है। शहर में मेटाडोर सार्वजनिक परिवहन का बड़ा माध्यम है, लेकिन ट्रैफिक नियमों का पालन उन्हें भी करना होगा। -तुषार पांडे।

जम्मू यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूं, रोज मेटाडोर में सफर होता है। यूनिवर्सिटी आते और घर जाते समय मेटाडोर में ओवरलोडिंग बड़ी समस्या है। मेटाडोर में खड़े होने भी जगह नहीं होती। ट्रैफिक पुलिस सिर्फ आम लोगों पर कार्रवाई करती है, लेकिन ओवरलोड मेटाडोर पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। -कर्ण, छात्र।

नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। फील्ड में तैनात सभी अधिकारियों को इसको लेकर निर्देश भी जारी किए हैं। सभी वाहन चालकों को नियमों का पालन करना होगा। 
विज्ञापन

-राजपाल सिंह, एएसपी ट्रैफिक, जम्मू।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें