जम्मू। प्रदेश में डेंगू के मामले एक हजार से पार हो गए हैं। 30 सितंबर तक कुल मामलों की संख्या 1105 तक पहुंच गई है। सितंबर में सिर्फ 20 दिनों डेंगू के मामलों में 752 की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
राज्य मलेरिया नियंत्रण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 10 सितंबर तक डेंगू के कुल मामले 353 थे जो 30 सितंबर तक बढ़कर 1105 हो गए। सबसे ज्यादा मामले जम्मू जिले से आ रहे हैं। अभी तक 445 मामले सिर्फ जम्मू जिले से आए हैं। यहां बारिश और बाढ़, निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह गड्ढे बने है। यहां पानी जमा हो रहा है जिससे डेंगू पनप रहा है। नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में तीसरे चरण की फॉगिंग की है। बावजूद इसके मच्छरों का प्रकोप जारी है। प्रदेश भर से प्रतिदिन 60 से 70 मामले आ रहे हैं। जम्मू जिले के बाद डेंगू की चपेट में कठुआ है। अभी तक 332 से अधिक मामले आए हैं। उधमपुर में मामले 100 के पार हो गए हैं और संख्या 105 पहुंच गई है। कठुआ में प्रतिदिन 20 से 30 के बीच मामले आ रहे थे लेकिन उधमपुर में एक से दो मामले ही पहुंच रहे हैं। सांब, रियासी, पुंछ, राजोरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जैसे जिलों से भी डेंगू का प्रकोप है। सांबा में 94 से अधिक मामले आए हैं। रियासी में 19, राजोरी में 42, पुंछ में 12, डोडा में 13 मामले हैं। हालांकि इन जिलों में प्रतिदिन आने वाले डेंगू के मामलों में कमी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 14112 डेंगू के टेस्ट किए हैं जो पिछले साल 15087 की तुलना में ज्यादा है। पिछले साल 30 सितंबर तक 1876 डेंगू के मामले आए थे। राज्य डेंगू नियंत्रण विभाग के अनुसार अक्तूबर में डेंगू के मामलों में और ज्यादा वृद्धि होने की आशंका है।
डेंगू के लक्षण व संकेत
तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शरीर पर रैशेज आदि
ऐसे बचें
घर और आसपास पानी जमा न होने दें। पानी के बर्तन, कूलर, गमले, ड्रम आदि को नियमित खाली करें। पानी के टैंक और अन्य कंटेनरों का ढक्कन बंद रखें। मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।