वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 43वें दीक्षांत समारोह में पदक पाने वालों की फाइनल सूची विश्वविद्यालय की ओर से जारी कर दी गई है। इस बार 36 मेधावियों में 58 पदक दिए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक सुधाकर मिश्र के अनुसार इसमें माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से साहित्य के विद्यार्थी को स्वर्ण पदक दिया जाएगा तो वेद, दर्शनाचार्य परीक्षा में महाराज कर्ण सिंह के नाम पर पदक मिलेगा। इसके अलावा नवव्याकरण विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी महामंडलेश्वर स्वामी बालकृष्णयति महाराज के नाम पर स्वर्ण पदक पाएंगे।
विश्वविद्यालय में होने वाला दीक्षांत समारोह इस बार आठ अक्तूबर को मुख्य भवन के पास दीक्षांत लॉन में मनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर शास्त्री, आचार्य में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थियों को पदक दिए जाने की सूची भी वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। इसमें पदक पाने वाले 36 मेधावियों की सूची में 10 छात्राओं के नाम भी शामिल हैं। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय की ओर से कई महापुरुषों, आचार्यों के साथ ही जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से भी पदक दिया जाएगा।
समारोह में दिए जाने वाला कुछ खास पदक
कुशाग्र दूबे-साहित्य के पूर्व मध्यमा परीक्षा में सर्वाधिक अंक- श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक
सीमा साहनी-साहित्य विषय से उत्तर मध्यमा परीक्षा में सर्वाधिक अंक-श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक
ध्रुव सापकोटा-योगतंत्र विषय में आचार्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक-सवाई माधो सिंह स्वर्ण पदक
भाष्कर मिश्र-आगमाचार्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक के अभाव में दर्शनाचार्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक-महाराज कर्ण सिंह स्वर्ण पदक
श्रेया चौबे-दर्शनाचार्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक-स्वामी कृष्णानंद महामंडलेश्वर स्वर्ण पदक
विनीत कुमार तिवारी-नवव्याकरण विषय की आचार्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक-महामंडलेश्वर पवहारी श्री स्वामी बालकृष्ण यति जी महाराज स्वर्ण पदक
20 विद्यार्थियों को शोध उपाधि, एक को डीलिट
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की ओर से इस बार 20 विद्यार्थियों को शोध उपाधि भी दी जाएगी। इसमें सर्वाधिक 14 छात्र जबकि 6 छात्राएं भी उपाधि पाएंगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से जो सूची जारी की गई है, उसमें एक डी लिट भी दिया जाएगा। अब जबकि केवल 7 दिन का समय बचा है, ऐसे में पदक, उपाधि पाने वालों को सूचना भेजी जा रही है।